बलरामपुर- पिछले दिनों विश्व पुस्तक मेला, भारत मंडपम,नयी दिल्ली में प्रख्यात हिन्दी-भोजपुरी साहित्यकार और एम.एल.के. पी.जी. कालेज, बलरामपुर में हिन्दी के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर डॉ.चंद्रेश्वर पाण्डेय के प्रथम भोजपुरी कविता संग्रह 'गोहार' का लोकार्पण सर्व भाषा ट्रस्ट के स्टॉल पर संपन्न हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ लेखक एवं प्रकाशक डॉ.केशव मोहन पाण्डेय, डॉ.प्रेम रंजन अनिमेष, डॉ.संतोष पटेल, डॉ.राजेश कुमार मांझी और 'भोजपुरी साहित्य सरिता' मासिक के संपादक जयशंकर प्रसाद द्विवेदी आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही। 'गोहार' की कविताओं पर चर्चा करते हुए सभी विद्वान वक्ताओं ने कहा कि यह काव्य कृति भोजपुरी की समकालीन कविता को एक नयी दिशा - दृष्टि प्रदान करने में सक्षम साबित होगी। चंद्रेश्वर सत्ता से असहमति के कवि हैं। आज जबकि भोजपुरी में अस्सी प्रतिशत से अधिक लेखन सत्ता का मुखापेक्षी है, 'गोहार' समकालीन जन जीवन की विडंबनात्मक स्थितियों की गहराई से पड़ताल करता है। इसके पूर्व चंद्रेश्वर की भोजपुरी में प्रकाशित दो कथेतर गद्यकृतियों - 'हमार गांव' और 'आपन आरा' को भी भोजपुरी साहित्य समाज के बीच काफ़ी लोकप्रियता और स्वीकार्यता मिली है। उपरोक्त कृतियों पर चंद्रेश्वर को उत्कृष्ट कथेतर गद्य लेखन के लिए सर्व भाषा सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।

          हिन्दी संवाद न्यूज से
            रिपोर्टर वी. संघर्ष
             बलरामपुर। 

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