मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल स्व0 श्री कल्याण सिंह की जयन्ती पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी

श्रद्धेय श्री कल्याण सिंह जी की कार्यशैली से प्रत्येक प्रदेशवासी के मन में विश्वास सुदृढ़ हुआ कि राज्य सुशासन की राह पर चलकर विकास के नये कीर्तिमान स्थापित करेगा : मुख्यमंत्री

किसान, शिक्षक, विधायक, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा दो राज्यों के राज्यपाल के रूप श्रद्धेय बाबू जी की कार्य कुशलता, कर्मण्यता तथा प्रशासनिक दक्षता को प्रत्येक व्यक्ति ने स्वीकार किया


लखनऊ : 05 जनवरी, 2026

     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भारत माता के महान सपूत, परम राष्ट्र व श्रीराम भक्त श्रद्धेय बाबूजी श्री कल्याण सिंह की आज पावन जयन्ती है। आज ही के दिन सन् 1932 में जनपद अलीगढ़ के एक छोटे से गांव मढ़ौली के एक सामान्य किसान परिवार में उनका जन्म हुआ था। उन्हें बाल्यावस्था में ही देश की आजादी की लड़ाई को देखने का अवसर प्राप्त हुआ। उस समय देश की स्वतंत्रता के बोध तथा भावी भारत के निर्माण में स्वयं की भूमिका से युक्त संस्कारों से ओत-प्रोत श्रद्धेय बाबूजी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सामान्य शाखा से लेकर आगे के कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयं को राष्ट्रभक्ति के सांचे में ढाला था।
मुख्यमंत्री जी आज यहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल स्व0 श्री कल्याण सिंह की जयन्ती पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने स्व0 श्री कल्याण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि किसान, शिक्षक, विधायक, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा दो राज्यों के राज्यपाल के रूप में उनकी कार्य कुशलता, कर्मण्यता तथा प्रशासनिक दक्षता को प्रत्येक व्यक्ति ने स्वीकार किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश वर्ष 1947 में स्वतन्त्र हुआ, लेकिन सुशासन क्या होता है, यह प्रदेशवासी नहीं देख पाए थे। श्री कल्याण सिंह की जनहित को समर्पित कार्यशैली से प्रत्येक प्रदेशवासी के मन में विश्वास सुदृढ़ होने लगा कि उत्तर प्रदेश अब सुशासन की राह पर चलकर विकास के नये कीर्तिमान स्थापित करेगा। उस समय कुछ लोग उन्हें अस्थिर करने तथा अव्यवस्था फैलाने के लिए कुत्सित प्रयास कर रहे थे, लेकिन इसकी परवाह किए बिना उन्होंने प्रभु श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए अपनी सरकार की तिलांजलि दे दी। अब उनका सपना साकार हो चुका है। अयोध्या नगरी में प्रभु श्रीरामलला अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्व0 श्री कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पाठशाला में राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ा तथा इसे अपने जीवन का मन्त्र बनाकर अनवरत जनहित में कार्य करते रहे। अन्नदाता किसानों के लिए घोषित योजनाएं, प्रदेश के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए नकल विहीन परीक्षाओं का आयोजन, शासन की शुचिता तथा पारदर्शिता हेतु उनके द्वारा किए गए प्रयास लोगों के लिए अनुकरणीय हैं। श्रद्धेय बाबूजी भौतिक काया के रूप में हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन सूक्ष्म जगत के माध्यम से आज भी उनका मार्गदर्शन शासन तथा प्रशासन के लिए पाथेय बना हुआ है।
इस अवसर पर मत्स्य मंत्री डॉ0 संजय निषाद, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संदीप सिंह, विधान परिषद सदस्य श्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी, स्व0 श्री कल्याण सिंह के सुपुत्र श्री राजवीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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