मुख्यमंत्री ने जनपद बाराबंकी में ‘प्रगतिशील किसान सम्मेलन : खेती की

बात खेत पर एवं किसान पाठशाला के 08वें संस्करण’ का शुभारम्भ किया


मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील

किसान श्री राम सरन वर्मा तथा अन्य किसानों को सम्मानित किया


‘खेती की बात खेत पर’ के भाव के साथ हम लखनऊ के सचिवालय में बैठकर नहीं, बल्कि किसान के खेत में जाकर योजनाओं का लाभ अन्नदाता किसानों को प्रदान करेंगे : मुख्यमंत्री


डबल इंजन सरकार प्रदेश में किसानों को सभी

प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु कृतसंकल्पित


अन्नदाता किसान प्रगति करेगा, तो प्रदेश प्रगति करेगा और

प्रदेश प्रगति करेगा तो देश प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप

विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में सफल होगा


प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक

ने राज्य की भावनाओं के अनुरूप समग्र विकास की धुरी बनते हुए देखा


डबल इंजन सरकार द्वारा किसानों को सभी आवश्यक सुविधाओं से आच्छादित करने के परिणामस्वरूप प्रदेश देश में सर्वाधिक कृषि उत्पादन करने वाले राज्यों में से एक


प्रदेश के किसानों को विगत 08 वर्षां से एम0एस0पी0 का लगातार लाभ प्राप्त

हो रहा, स्वॉयल हेल्थ कार्ड और फसल बीमा की सुविधा प्रदान की जा रही


प्रदेश में खरपतवार नियंत्रण, स्वॉयल टेस्टिंग तथा

प्राकृतिक खेती पर विशेष फोकस किया गया


प्रदेश में फ़ूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल मण्डी आदि

में युवाओं को रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध कराये गये


प्रदेश में अन्नदाता किसानों को तकनीक से जोड़ने का कार्य किया

जा रहा, ओ0डी0ओ0पी0 योजना, एस0एच0जी0, बी0सी0 सखी,

ड्रोन दीदियां रोजगार के स्थानीय उद्यम के सशक्त माध्यम बने


प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर

182 करोड़ लीटर हो गया है, जो देश में प्रथम


राज्य में आलू, केला, औद्यानिक तथा अन्य ऑर्गेनिक फसलों के उत्पादन में

अभूतपूर्व वृद्धि, फल और सब्जियों के उत्पादन में भी प्रदेश अब देश में नम्बर एक


 

लखनऊ : 12 दिसम्बर, 2025


     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रदेश में किसानों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु डबल इंजन सरकार कृतसंकल्पित है। ‘खेती की बात खेत पर’ के भाव के साथ हम लखनऊ के सचिवालय में बैठकर नहीं, बल्कि किसान के खेत में जाकर योजनाओं का लाभ अन्नदाता किसान को प्रदान करेंगे। हमारा अन्नदाता किसान समृद्ध होगा, तो प्रदेश समृद्ध बनेगा। प्रदेश समृद्ध होगा तो देश भी समृद्ध होगा। किसान प्रगति करेगा, तो प्रदेश प्रगति करेगा और प्रदेश प्रगति करेगा तो देश प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में सफल होगा।

मुख्यमंत्री जी आज जनपद बाराबंकी में ‘प्रगतिशील किसान सम्मेलन : खेती की बात खेत पर’ एवं किसान पाठशाला के 08वें संस्करण का शुभारम्भ करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित प्रगतिशील किसान श्री राम सरन वर्मा तथा अन्य किसानों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रशस्ति-पत्र तथा प्रमाण-पत्र प्रदान किये। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन, किसानों से संवाद तथा खेतों का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। विगत 11 वर्षों में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश को अपनी भावनाओं के अनुरूप समग्र विकास की धुरी बनते हुए देखा है। यहां अत्यन्त उर्वरा भूमि, पर्याप्त जल संसाधन तथा बेहतर कनेक्टिविटी मौजूद है। डबल इंजन सरकार द्वारा किसानों को सभी आवश्यक सुविधाओं से आच्छादित करने के परिणामस्वरूप प्रदेश देश में सर्वाधिक कृषि उत्पादन करने वाले राज्यों में से एक है। प्रदेश में देश की कुल कृषि योग्य भूमि का मात्र 11 प्रतिशत है। जबकि यह राज्य देश की 21 प्रतिशत खाद्यान्न आपूर्ति करता है। यह तब सम्भव हो पाया, जब डबल इंजन सरकार ने प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप किसानों को बीज से बाजार तक की सुविधा से आच्छादित किया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि किसानों को विगत 08 वर्षां से एम0एस0पी0 का लगातार लाभ प्राप्त हो रहा है। बिचौलियों की भूमिका समाप्त कर, किसान या खेती करने वाला व्यक्ति ही अपनी उपज को क्रय केन्द्र में बेच सकता है। प्रदेश में अन्नदाता किसानों को स्वॉयल हेल्थ कार्ड और फसल बीमा की सुविधा प्रदान की जा रही है। गन्ना मूल्य का भुगतान ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त कर चुका है। कृषि मण्डियों और गांवों तक सड़क नेटवर्क का विस्तार, वैल्यू चेन स्टोरेज प्रोसेसिंग के क्षेत्र में निवेश को आगे बढ़ाने, किसानों को बाजार और निर्यात से जोड़ने का प्रयास, प्रत्येक खेत को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराते हुए नहरों, पाइप लाइन, माइक्रो इरीगेशन और सोलर पम्प का विस्तार, जल संरक्षण अभियान, ड्रोन डोजिंग, सौर ऊर्जा, एफ0पी0ओ0, स्टार्टअप्स आधारित फसल और मूल्य संवर्धन आदि से सम्बन्धित योजनाएं प्रदेश में दिखाई दे रही हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में खरपतवार नियंत्रण, स्वॉयल टेस्टिंग तथा प्राकृतिक खेती पर विशेष फोकस किया गया है। किसानों को कृषि क्षेत्र में उद्यमिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है। श्री राम सरन वर्मा जी इसके उत्कृष्ट उदाहरण हैं। प्रदेश में फ़ूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल मण्डी आदि में युवाओं को रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध कराये गये हैं। एक्सप्रेस-वे और लॉजिस्टिक्स पार्क से किसानों की उपज को राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने की सुविधा प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में विश्व बैंक के सहयोग से ‘यू0पी0 एग्रीकल्चर ग्रोथ एण्ड रूलर इंटरप्राइजेज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग प्रोजेक्ट’ अर्थात यू0पी0 एग्रीज परियोजना प्रारम्भ हो चुकी है। प्रदेश के कम कृषि ग्रोथ वाले 28 जनपदों को 4,000 करोड़ रुपये की लागत से 06 वर्षों की अवधि के लिए परियोजना के अन्तर्गत जोड़ा गया है। इनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुन्देलखण्ड के जनपद सम्मिलित हैं। बाराबंकी पूर्वी उत्तर प्रदेश का गेट-वे है। यहां से पूर्वी उत्तर प्रदेश की शुरुआत होती है। बुन्देलखण्ड के जनपद पहले जल के अभाव से ग्रसित थे, आज वहां पर पर्याप्त मात्रा में जल संसाधन उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में अन्नदाता किसानों को तकनीक से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। ओ0डी0ओ0पी0 योजना, एस0एच0जी0, बी0सी0 सखी, ड्रोन दीदियां रोजगार के स्थानीय उद्यम के सशक्त माध्यम बने हैं। प्रदेश के 09 क्लाइमेटिक जोन के अनुरूप तकनीक तथा बीज आदि किसानों को उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य आगे बढ़ रहा है। वर्ष 2017 से पूर्व किसानों को अधिक लागत पर कम लाभ प्राप्त होता था। सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की रफ्तार अत्यन्त धीमी थी। बिचौलियों का वर्चस्व था।

आज किसानों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाआें का लाभ डी0बी0टी0 के माध्यम से पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। बिचौलिया मुक्त खाद्यान्न खरीद की व्यवस्था की गयी है। विगत 08 वर्षां में कृषि विकास की दर 8.6 प्रतिशत से बढ़कर 17.7 प्रतिशत हो गयी है। उत्तर प्रदेश देश के कुल गेहूं उत्पादन में 35 प्रतिशत योगदान कर रहा है, जो देश में प्रथम है। कुल राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश का योगदान 21 प्रतिशत तथा गन्ना उत्पादन में 55 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश गन्ना किसानों को सौगात देते हुए गन्ने का एस0ए0पी0 400 रुपये प्रति कुन्तल तय किया गया है। किसान इसका लाभ प्राप्त कर रहा है। विगत 08 वर्षां में प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को 02 लाख 92 हजार करोड़ रुपये से अधिक गन्ना मूल्य भुगतान किया है। प्रदेश में 122 चीनी मिलों का संचालन हो रहा है। एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो गया है, जो देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य में आलू, केला, औद्यानिक तथा अन्य ऑर्गेनिक फसलों के उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। फल और सब्जियों के उत्पादन में भी प्रदेश अब देश में नम्बर एक पर है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का सर्वाधिक लाभ प्रदेश के अन्नदाता किसान प्राप्त कर रहे हैं। 02 करोड़ 86 लाख किसान इस योजना से जुड़े हैं। किसान को समय पर उन्नत नस्ल के बीज उपलब्ध कराने के लिए भारत रत्न चौधरी चरण सिंह जी के नाम पर लखनऊ में एक सीड पार्क का निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में 79 कृषि विज्ञान केन्द्र सक्रिय हैं। शेष 10 कृषि विज्ञान केन्द्रों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इन केन्द्रों में किसानों को आधुनिक तकनीक और फसल को देखने के लिए डेमोन्स्ट्रेशन की सुविधा प्राप्त हो रही है। इनमें कई कृषि विज्ञान केन्द्र ‘सेन्टर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हमेशा इस बात को कहते हैं कि किसान की आमदनी को बढ़ाने का पहला मंत्र यह है कि लागत कम तथा उत्पादन ज्यादा हो। लागत कम करने के लिए अन्नदाता किसानों को समय पर बीज व खाद उपलब्ध कराना, सिंचाई की बेहतर सुविधा देना तथा कृषि के वैज्ञानिक तरीके को अपनाया जाना आवश्यक है। किए गए प्रयासों और नवाचारों के परिणामस्वरूप आज यहां कुछ प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया है। आज हम यहां प्रगतिशील किसान श्री राम सरन वर्मा जी के कृषि फार्म में एकत्रित हुए हैं। इनकी सेवाओं के लिए इन्हें वर्ष 2019 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एफ0पी0ओ0 के माध्यम से को-ऑपरेटिव खेती को हम कैसे बढ़ावा दे सकते हैं, यह श्री राम सरन वर्मा जी और उनके सहयोगियों ने बाराबंकी के दौलतपुर में करके दिखाया है। यहां एक एकड़ क्षेत्रफल में 250 कुन्तल तक आलू उत्पादन तथा एक एकड़ क्षेत्रफल में 02 लाख केला उत्पादन कम लागत पर अधिक लाभांश का उदाहरण हैं। यहां सभी प्रकार की सब्जियों का उत्पादन भी किया जा रहा है।

श्री राम सरन वर्मा जी द्वारा प्रदान किया गया खेती का यह मॉडल व्यावहारिक धरातल पर खरा उतर रहा है। किसानों को थोड़ा सा प्रयास कर तकनीक को अपनाना होगा तथा समय पर खेती को प्रोत्साहित करना होगा। जिस तकनीक और नवाचार को वर्मा जी ने यहां अपनाया है, यदि वही हम भी अपनाएंगे, तो हम प्रगतिशील किसान बनकर उन्नत खेती के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने में मदद कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम बीज से बाजार के बीच की दूरी को पाटने के साथ ही धरती माता के स्वास्थ्य व पर्यावरण की सुरक्षा के बड़े अभियान को लेकर आगे बढ़े हैं। इस अभियान में अन्नदाता किसानों की बहुत बड़ी भूमिका होगी। धरती माता हमें पेट भरने के लिए अन्न प्रदान करती हैं। यदि इनका स्वास्थ्य ठीक रहेगा, तो मानव के साथ-साथ जीव सृष्टि भी बची रहेगी। हमारा स्वास्थ्य भी उत्तम बना रहेगा। प्रधानमंत्री जी द्वारा आगे बढ़ाया गया ‘नेशनल मिशन ऑफ नेचुरल फार्मिंग’ इसी अभियान का हिस्सा है।

इस अवसर पर प्रदेश में कृषि विकास पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।

कार्यक्रम को कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने भी सम्बोधित किया।

इस अवसर पर कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह ओलख, खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री श्री सतीश चन्द्र शर्मा, कारागार राज्य मंत्री श्री सुरेश राही सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

----------------


Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने