उतरौला बलरामपुर- बिजली विभाग की लापरवाही के चलते तहसील उतरौला में आज भी बिजली विभाग की वजह से लोग काफी परेशान है। आधुनिक करण और तकनीकी सुधार के इस दौर में भी ग्रामीण अंच लों की विद्युत व्यवस्था चरमराई हुई है लगभग चार दशक बीत जाने के बाद अभी भी पुराने पोल व जर्जर तारों के सहारे बिजली आपूर्ति संचालित हो रही है। परिणाम स्वरूप,जरा सी हवा, हल्की बारिश या किसी पेड़ की डाल टूटने से पूरी फीडर की लाइन ठप हो जाती है, जिससे ग्रामीण अंचलों में बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है।उतरौला तहसील क्षेत्र के महुवा फीडर, चमरूपुर फीडर, श्रीदत्तगंज फीडर, गज पुर ग्रिन्ट फीडर सहित कई विद्युत लाइनों से जुड़े सैकड़ों गाँवों में यह समस्या आम बात हो गई है। ग्रामीण उप भोक्ताओं का कहना है कि विभाग के कर्मचारी कई बार मरम्मत करते हैं, परन्तु पुरानी लाइनें और कमजोर पोल की वजह से हर बार खतरा बना रहता हैं। इससे न केवल बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है,बल्कि शॉर्ट सर्किट और आग लगने जैसी घटनाओं की संभावना बनी रहती है।ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के समाज सेवि यो व बुध्दि जीवियों के द्वारा इस समस्या को लेकर कई बार ज्ञापन व पत्र के माध्यम से सम्बन्धित अधिकारियों को अवगत कराया गया किन्तु प्रत्येक वर्ष विभा ग के द्वारा मरम्मत या परिवर्तन का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन आज तक न तो पोल बदले गए और न ही तारों का आधुनिकी करण हुआ है। कई स्थानों पर पोल झुक चुके हैं और तारों की ऊँचाई इतनी कम है कि राहगीरों के लिए जान जोखिम में बना रहता है।महुवा गाँव केनिवासी जाकीर अली का कहना है कि गर्मी के मौसम में पंखे तो दूर, बल्ब तक नहीं जल पाता। बिजली आती है तो कुछ ही देर बाद फाल्ट के नाम पर काट दी जाती है। वहीं श्रीदत्तगंज फीडर से जुड़े उपभोक्ता राम अवध का कहना है कि बारिश या तेज हवा के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी सुधार नहीं होता दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों का कह ना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद भी विभागीय अधिकारी इस गम्भीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर शीघ्र ही पुराने पोल और तारों को बदला नहीं गया तो आने वाले दिनों में बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।उपभोक्ताओं ने ऊर्जा विभाग के उच्चा धिकारियों से मांग की है कि उतरौला ग्रामीण क्षेत्र की जर्जर विद्युत लाइनों को तत्काल बदलवाया जाए, ताकि बिजली व्यवस्थासुचारू रूप से सुरक्षित रह सके।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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