लखनऊ अक्षयपात्र ने मनाया अपना दसवां वार्षिकोत्सव 





लखनऊ। लखनऊ अक्षयपात्र ने आज अपना दसवां वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया। लखनऊ यूनिट हेड स्वामी रसराज कृष्ण दास के साथ मुख्य कार्यकारी अधिकारी सानिल जी, एचआर हेड मुकेश तिवारी, विक्रांत मोहन, प्रतीक पंत आदि सैकड़ों गणमान्य लोगों की मजूदगी  यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर लखनऊ अक्षयपात्र किचन में कार्यरत लोगों के हायर एजुकेशन में पढ़ने वाले बच्चों को संस्था की तरफ से लैपटॉप दिया गया।

लखनऊ अक्षयपात्र किचन अब तक स्कूली बच्चों को 5 करोड़ थाली परोस चुका है।

सरोजिनी नगर स्थित अक्षयपात्र में आयोजित इस समारोह में मौजूद अतिथियों ने क़रीब डेढ़ लाख स्कूली बच्चों को गरम व पौष्टिक भोजन देने के लिए अक्षयपात्र की जमकर सराहना की।

अक्षय पात्र में आयोजित वार्षिकोत्सव में सबसे पहले अक्षयपात्र व बृंदावन चंद्रोदय मंदिर के साधुओं व आचार्यों द्वारा विश्व के समस्त जनता की सुख व शांति के लिए नरसिम्हा हवन कराया गया। बाद में सभी भक्तों ने नरसिंह भगवान की आरती की। इस अवसर पर स्वामी रसराज कृष्ण दास जी ने कहा कि जैसे अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित है, वैसे ही गरम व पौष्टिक भोजन देने के लिए अक्षय पात्र भी संकल्पित है। उन्होंने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा पिछले 25 साल से बच्चों को गर्म व पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। वर्तमान में 25 लाख से अधिक बच्चे अक्षय पात्र के भोजन से लाभान्वित हो रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में अक्षय पात्र फाउंडेशन का किचन मथुरा, लखनऊ, वाराणसी व गोरखपुर में काम कर रहा है। लखनऊ में जहां 1472 स्कूलों के करीब डेढ़ लाख बच्चों को भोजन दिया जा रहा है वहीं मथुरा में भी दो हजार स्कूलों के करीब सवा लाख बच्चों को दोपहर का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वाराणसी में अक्षय पात्र किचन का शुभारंभ प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के कर कमलों से 7 जुलाई 2022 में हुआ था। यहां के बच्चों को भी दोपहर का गरमा गरम भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। गोरखपुर में भी बच्चों को दोपहर का पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। लखनऊ, मथुरा व वाराणसी की तरह गोरखपुर में भी अत्याधुनिक बड़ा किचन बनाया जा रहा है। इस किचन के बनने के बाद यहां भी करीब दो लाख बच्चों को भोजन दिया जा सकेगा। 

अक्षय पात्र फाउंडेशन भारत की एक अशासकीय संस्था है जो देश के 14 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 25 हजार से अधिक स्कूलों के बच्चों को हर स्कूल दिन में पौष्टिक भोजन परोस रहा है। गैर-लाभकारी इस फाउंडेशन का मुख्यालय बेंगलुरु में है। वर्तमान में आंध्र प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, उड़ीसा, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना व उत्तर प्रदेश आदि राज्यो में इसका किचन स्थापित है।

वर्ष 2000 से अक्षय पात्र हर एक स्कूल के दिन बच्चों को ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कर रहा है। अक्षय पात्र अपनी पहुंच को बढ़ाने का भी लगातार प्रयास कर रहा है। अक्षय पात्र का सोचना है कि भूख से कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। अक्षय पात्र फाउंडेशन वर्ष 2000 में मात्र 15 सौ बच्चों से यह सेवा शुरू किया था।

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