मुख्यमंत्री ने कृषि आधारित एम0एस0एम0ई0 उद्यमी महासम्मेलन को
सम्बोधित किया, मुख्यमंत्री द्वारा इण्डिया फूड एक्सपो-2022 का शुभारम्भ

खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के माध्यम से किसानों
की उपज का लाभकारी उपयोग किया जा सकता: मुख्यमंत्री

राज्य सरकार उ0प्र0 में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित
 
प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने किसानों के
हित में ‘बीज से लेकर बाजार तक’ प्रत्येक क्षेत्र में निरन्तर प्रभावी कदम उठाए
 
प्रदेश सरकार ने राज्य की आधारभूत अवसंरचना को लगातार
विकसित किया, सभी जनपदों में समान रूप से निर्बाध विद्युत आपूर्ति

फरवरी, 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन, प्रदेश में
उद्यमी अधिक से अधिक निवेश लाकर राज्य के विकास में
अपनी महत्वपूर्ण और सक्रिय भागीदारी का निर्वहन करें

उ0प्र0 औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 से 2027 तक लागू रहेगी

प्रदेश सरकार ने एम0एस0एम0ई0 को बढ़ावा देने के लिए नई नीति
प्रख्यापित की, टेक्सटाइल और गारमेण्टिंग, स्टार्टअप की भी नई नीतियां प्रख्यापित

एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए
राज्य सरकार ने ओ0डी0ओ0पी0 योजना लागू की

ओ0डी0ओ0पी0 योजना के संचालन और अनुभव का लाभ
खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के संदर्भ में भी लिया जाना चाहिए
 
जब दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी, उस
दौरान प्रदेश में अनेक उद्यमों की स्थापना हो रही थी

लखनऊ: 03 नवम्बर, 2022

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं उद्योग के मध्य एक महत्वपूर्ण कड़ी है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के माध्यम से किसानों की उपज का लाभकारी उपयोग किया जा सकता है। खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की उपज का मूल्य संवर्धन करने से कृषकों की आय बढ़ेगी। साथ ही, कृषि उपज का शत-प्रतिशत इस्तेमाल भी सुनिश्चित होगा। राज्य में खाद्यान्न निर्यात की अनन्त सम्भावनाएं हैं। अन्नदाता किसानों की आमदनी को कई गुना बढ़ाने के लिए हमें प्रसंस्कृत खाद्यान्न के निर्यात को बढ़ाना होगा। राज्य सरकार उत्तर प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्पित है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में कृषि आधारित एम0एस0एम0ई0 उद्यमी महासम्मेलन में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। यह उद्यमी महासम्मेलन इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एम0एस0एम0ई0) विभाग तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2022 में प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए कुछ नये कदम उठाने जा रही है। मण्डी शुल्क, एक्सपोर्ट सब्सिडी तथा मुम्बई पोर्ट तक सामान ले जाने की सुविधा जैसे बिन्दुओं पर प्रदेश सरकार विचार कर रही है। श्रम एवं पर्यावरण से सम्बन्धित मामलों के निराकरण हेतु कृषि उत्पादन आयुक्त के नेतृत्व में एक कमेटी गठित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में ‘बीज से लेकर बाजार तक’ प्रत्येक क्षेत्र में निरन्तर प्रभावी कदम उठाए हैं। राज्य सरकार के प्रयासों तथा प्रदेश के किसानों के परिश्रम और पुरुषार्थ से उत्तर प्रदेश खाद्यान्न के मामले में न केवल आत्मनिर्भर हुआ, बल्कि सरप्लस खाद्यान्न उत्पादन करने वाला राज्य है। उत्तर प्रदेश अपनी खाद्यान्न आवश्यकताओं को पूरा करते हुए देश की आवश्यकताओं को भी पूरा कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला राज्य है। देश में सर्वाधिक किसान उत्तर प्रदेश में हैं और यहां की भूमि सर्वाधिक उर्वरा है। देश की कुल कृषि योग्य भूमि के सापेक्ष उत्तर प्रदेश की कृषि योग्य भूमि लगभग 12 प्रतिशत है, किन्तु खाद्यान्न उत्पादन में राज्य का योगदान 20 प्रतिशत से अधिक है। वर्तमान में गेहूं, गन्ना, आम, आलू, दूध सहित अनेक खाद्य उत्पादों के उत्पादन में प्रदेश का देश में प्रथम स्थान है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को 05 ट्रिलियन यू0एस0 डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री जी के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन यू0एस0 डॉलर बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए प्रदेश सरकार निरन्तर कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश अनन्त सम्भावनाओं का प्रदेश है। वर्ष 2017 से पूर्व उद्यमियों के लिए प्रदेश में उपयुक्त माहौल नहीं था। उद्यमी अन्यत्र निवेश की सम्भावनाओं को तलाश रहे थे। प्रदेश का एम0एस0एम0ई0 सेक्टर बंदप्राय हो गया था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहतर हुई है। राज्य सरकार ने अपराध एवं अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कार्य किया है। प्रदेश में संगठित अपराध लगभग शून्य हो गया है। परिणामस्वरूप उद्यमियों सहित सभी लोगों के लिए सुरक्षा, सुव्यवस्था एवं विकास का वातावरण निर्मित हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य की आधारभूत अवसंरचना को लगातार विकसित किया है। वर्तमान में प्रदेश के सभी जनपदों में समान रूप से निर्बाध विद्युत आपूर्ति की जा रही है। जनपद मुख्यालयों में 23-24 घण्टे, तहसील स्तर पर 18-20 घण्टे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 16-18 घण्टे विद्युत आपूर्ति की कार्यवाही की जा रही है। राज्य के लगभग 01 लाख 21 हजार से अधिक गांवों तक विद्युत इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। विद्युत उत्पादन के नये संयंत्र स्थापित किए गए हैं। नये विद्युत सबस्टेशनों की स्थापना की गयी है। ग्रामीण एवं शहरी फीडर को अलग किया गया है तथा आवासीय एवं कृषि फीडर को भी अलग-अलग करने की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया गया है। प्रदेश में उद्यम लगाने वाले उद्यमी को राज्य सरकार ने ओपेन एक्सेस की सुविधा प्रदान की है। इस प्रकार राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए सुरक्षा के साथ-साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी विकसित किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार आगामी फरवरी, 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन करने जा रही है। प्रदेश में उद्यमी अधिक से अधिक निवेश लाकर राज्य के विकास में अपनी महत्वपूर्ण और सक्रिय भागीदारी का निर्वहन करें तथा राज्य की सामर्थ्य का लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने निवेशकों और उद्यमियों के लिये निवेश और उद्यमिता को सहज, सरल और आकर्षक बनाने के लिए 25 से अधिक सेक्टरवार नीतियां लागू की हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की नई औद्योगिक नीति कैबिनेट ने मंजूर की है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 से 2027 तक लागू रहेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भू-उपयोग के परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल किया जाए। किसी भी क्षेत्र के उद्यमी को किसी भी प्रकार की समस्या न होने पाए। प्रदेश में उद्यमी ने तय मानकों के अनुरूप किसी भी पॉलिसी के अन्तर्गत उद्यम लगाया है तो उसे दिए जाने वाले इंसेंटिव को समय से उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने एम0एस0एम0ई0 को बढ़ावा देने के लिए अपनी नई नीति प्रख्यापित की है। इस नई एम0एस0एम0ई0 नीति को पहले की अपेक्षा सरल और आकर्षक बनाया गया है। एम0एस0एम0ई0 यूनिट लगाने के लिए 01 हजार दिनों तक किसी भी प्रकार के अपू्रवल की आवश्यकता नहीं है। इसके अतिरिक्त, टेक्सटाइल और गारमेण्टिंग, स्टार्टअप की भी नई नीतियां प्रख्यापित की गई हैं। इसमें निवेशकों के लिए आकर्षक सुविधाओं के साथ-साथ युवाओं को उद्यमी बनने हेतु विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है। उद्यमियों और निवेशकों की सुविधा के लिए सिंगल विण्डो सिस्टम ‘निवेश मित्र’ संचालित किया जा रहा है। निवेश मित्र देश में सर्वाधिक सेवाएं देने वाला सिंगल विण्डो प्लेटफॉर्म है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र का सबसे बड़ा बेस है। वर्तमान में राज्य में लगभग 90 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयां  हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं। एम0एस0एम0ई0 क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में प्रदेश के सभी 75 जनपदों के लिए परम्परागत एवं विशिष्ट उत्पाद चिन्हित कर ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ओ0डी0ओ0पी0) योजना लागू की है। इस योजना के अच्छे परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। प्रदेश का एक्सपोर्ट दोगुना हो गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ओ0डी0ओ0पी0 योजना के अन्तर्गत जनपद औरेया के लिए देशी घी, जनपद अयोध्या एवं मुजफ्फरनगर के लिए गुड़, जनपद बलरामपुर व गोण्डा के लिए दाल, जनपद गाजीपुर के लिए जूट वॉल हैंगिंग, जनपद कौशाम्बी के लिए केला, जनपद कुशीनगर के लिए केला फाइबर उत्पाद एवं केला उत्पाद, जनपद प्रतापगढ़ के लिए आंवला, जनपद सिद्धार्थनगर के लिए काला नमक चावल, जनपद सुल्तानपुर के लिए मूंज उत्पाद चिन्हित है। यह उत्पाद कृषि से सम्बन्धित हैं। प्रदेश सरकार ओ0डी0ओ0पी0 योजना के विस्तार के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद लखनऊ के दशहरी आम, प्रयागराज के अमरूद के साथ ही, विभिन्न जनपदों के कृषि उत्पादों की देश-दुनिया में अपनी खास पहचान है। प्रदेश के किसान अत्यन्त परिश्रमी और प्रगतिशील हैं। ओ0डी0ओ0पी0 योजना के संचालन और अनुभव का लाभ खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के संदर्भ में भी लिया जाना चाहिए। बुन्देलखण्ड में किसानों द्वारा सफलतापूर्वक स्ट्रॉबेरी, जनपद सुल्तानपुर में ड्रैगन फ्रूट, जनपद चंदौली में ब्लैक राइस की खेती की जा रही है। झांसी तथा आगरा में महिला किसानों ने प्रेरणादायी कार्य किए हैं। बालिनी दुग्ध संघ ग्रामीण इलाकों में महिला उद्यमिता के मॉडल के तौर पर उभरा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी, उस दौरान प्रदेश में अनेक उद्यमों की स्थापना हो रही थी। राज्य सरकार के प्रयासों से आलू के प्रसंस्करण के लिए पेप्सिको इण्डिया द्वारा कोसीकलां, मथुरा में 800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित औद्योगिक इकाई का संचालन प्रारम्भ हो गया है। जनपद बाराबंकी में ब्रिटानिया लि0 द्वारा 340 करोड़ रुपये की लागत से बिस्किट एवं बेकरी निर्माण की इकाई की स्थापना की जा रही है। प्रदेश सरकार सर्वसमाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने कोरोना काल में विभिन्न राज्यों से लौटे 40 लाख कामगार व श्रमिकों की स्किल मैपिंग कराते हुए उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने का कार्य किया।
इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने इण्डिया फूड एक्सपो-2022 का शुभारम्भ किया।
कृषि आधारित एम0एस0एम0ई0 उद्यमी महासम्मेलन को एम0एस0एम0ई0 मंत्री श्री राकेश सचान तथा उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर लखनऊ की महापौर श्रीमती संयुक्ता भाटिया, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मनोज कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री अमित मोहन प्रसाद, इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अशोक कुमार अग्रवाल एवं अन्य पदाधिकारी सहित एम0एस0एम0ई0 सेक्टर से जुड़े उद्यमी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।  
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