उतरौला (बलरामपुर) नगर क्षेत्र के श्री दुःखहरणनाथ मन्दिर मे महानवमी के दिन मां बालासुन्दरी के मन्दिर के पट वर्ष में एक बार महानवमी के दिन रात्रि में खुलता है जिसमें दूर दराज व आसपास के श्रद्धालु देर रात मातारानी का दर्शन के लिए उपस्थिति होते हैं‌। 
उक्त जानकारी मंदिर के महंत मयंक गिरी ने देते हुए बताया कि मातारानी का कपाट वर्ष में एक बार खुलता है ।
कपाट खुलने पर सैकड़ों की संख्या में श्रध्दालु पूजन पाठ कर अपनी मनोकामना पूरी करने‌ हेतु मन्नतें मांगने के लिए माथा टेकते हैं ।मान्यता है कि  उन भक्तों की याचना व मन्नते देवी महारानी की आशीर्वाद से पूरी होती है।
असग़र अली
उतरौला

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