NCR News: देशभर में जांचे गए 13 लाख से अधिक पेयजल नमूनों में से 1.11 लाख से अधिक दूषित पाए गए हैं। जल शक्ति मंत्रालय के कार्यक्रम के तहत जुटाए गए आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। मंत्रालय ने कहा कि 2,05,941 गांवों से पानी के ये नमूने लिए गए।उन्हें 2,011 प्रयोगशालाओं में जांचा गया है। इस पेयजल में अशुद्धियां प्राकृतिक तौर पर मौजूद रसायन, मिनरल जैसे ऑर्सेनिक, फ्लोराइड, आयरन और यूरेनियम आदि की थी। जल स्रोतों के निकट भारी धातु की उत्पादन इकाइयों के कारण भी जल में अशुद्धियां हो सकती हैं। एक अधिकारी ने कहा कि अगर पानी का नमूना गुणवत्ता जांच में खरा नहीं उतरता, तो अधिकारियों को ऑनलाइन इस बारे में जानकारी दी जा सकती है।गौरतलब है कि जल के नमूनों की जांच का कार्यक्रम जल जीवन मिशन के तहत शुरू किया गया है। इसका मकसद ग्रामीण भारत के सभी घरों में 2024 तक व्यक्तिगत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।