बीएचयू और सरकारी अस्पताल में इलाज न मिलने से परेशान एक मरीज परिवार के साथ बुधवार को ऑटो से कलक्ट्रेट पहुंच गया। कहा कि पैसा न होने के कारण उसका इलाज किसी सरकारी अस्पताल में नहीं हो रहा है। एडीएम सिटी से मिला तो उन्होंने डीएम से मिलने के लिए कहा। डीएम से उसकी मुलाकात नहीं हुई।लहरतारा नई बस्ती का धोबी उर्फ राजू रिक्शा चालक है। वह पिछले 20 दिनों से अपेंडिक्स के दर्द से कराह रहा है। छह बेटियों समेत सात बच्चों और पत्नी का खर्च वह रिक्शा चलाकर निकालता था। 20 दिन से कमाई बंद है। पड़ोसी अंतू राम शर्मा को लेकर वह ऑटो से वह कलक्ट्रेट पहुंचा था। साथ में पत्नी और बच्चे भी थे। पत्नी शीला व अंतूराम शर्मा ने बताया कि पहले सभी बीएचयू गए थे। वहां बताया गया कि 1500 रुपये रोज के हिसाब से इलाज खर्च लगेगा। तब नि:शुल्क इलाज की आस में कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल गए। वहां के डॉक्टर ने निजी अस्पताल में जाने की सलाह देकर लौटा दिया। उधर एडीएम सिटी गुलाबचंद्र ने बताया कि उनसे ऐसे किसी व्यक्ति से मुलाकात नहीं हुई है।

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