बलरामपुर- जनपद में राजस्व वादों के पारदर्शी, तथ्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा अपने न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों की स्थलीय जांच की गई।
इसी क्रम में जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन ने तहसील सदर के ग्राम धुसाह पहुंचकर अपने न्यायालय में विचाराधीन स्टांप संबंधी प्रकरण की मौके पर जांच की। ग्राम धुसाह के गाटा संख्या 292 से संबंधित पंजीकृत विक्रय विलेख, जिसे श्री फव्वाद फैजी द्वारा क्रय किया गया था, में कम स्टांप शुल्क लगाए जाने के संबंध में स्टांप अधिनियम के प्रावधान 7(3)(सी) के अंतर्गत जारी नोटिस के क्रम में स्थलीय जांच की गई।
जांच के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि की वास्तविक स्थिति, उपयोग, अवस्थिति एवं संबंधित अभिलेखों का परीक्षण किया। इस अवसर पर वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता, एआईजी स्टांप बलरामपुर, तहसीलदार सदर तथा संबंधित ग्राम के लेखपाल उपस्थित रहे।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने अपने न्यायालय में विचाराधीन भूमि विवाद से संबंधित प्रकरणों के क्रम में ग्राम सेखुईकला एवं हसुवाडोल का भी स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर संबंधित पक्षों की उपस्थिति में भूमि की वास्तविक स्थिति का परीक्षण किया गया तथा पक्षकारों की बात सुनी गई।
जिलाधिकारी ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालय में विचाराधीन मामलों में उपलब्ध अभिलेखों के साथ-साथ मौके की वास्तविक स्थिति का भी समुचित परीक्षण सुनिश्चित किया जाए, जिससे प्रकरणों का निष्पक्ष, समयबद्ध एवं तथ्यपरक निस्तारण किया जा सके।
जिलाधिकारी की यह पहल राजस्व न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं जनसुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। न्यायालय में लंबित मामलों की मौके पर जांच से वास्तविक तथ्यों के आधार पर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी तथा वादकारियों को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण न्याय प्राप्त होगा।
इस दौरान एआईजी स्टांप बलरामपुर, तहसीलदार सदर, संबंधित ग्रामों के लेखपाल, अधिवक्ता, वादकारी एवं संबंधित पक्ष उपस्थित रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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