बलरामपुर- डीएम विपिन कुमार जैन ने गर्मी एवं बारिश के कारण हो रही सर्पदंश की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए जनसामान्य से अपील की है कि वे सर्पदंश से बचाव के लिए सुरक्षा उपायों को अपनाएं तथा सांप काटने की घटना होने पर झाड़-फूंक के चक्कर न पड़कर तत्काल उपचार हेतु अपने निकटतम सीएचसी या जिला अस्पताल लेकर जाएं।
जिलाधिकारी जैन ने बताया कि जनपद में सर्पदंश की घटना होने पर पीड़ित का जीवन बचाने के लिए जिला मेमोरियल चिकित्साल, संयुक्त चिकित्सालय एवं जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों सहित कुल 3878 सर्पदंश के इंजेक्शन एन्टी स्नैक वेनम उपलब्ध हैं। इसलिए सांप काटने की घटना होने पर बिना देरी किए पीड़ित को तत्काल अस्पताल लेकर जांए ताकि समय रहते उपचार मिल सके और जान बचाई जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रायः अधिक गर्मी, उमस, या शिकार की फिराक में, कीचड़, जलभराव और फसलों में सांपों के निकलने से हादसे होते हैं। इसलिए ऐसे मौसम से सर्पदंश से बचाव के उपायों को अपनाना बहुत जरूरी है। उन्होंने टिप्स दिए कि रात में टॉर्च लेकर चलें क्योकि रात के अंधेरे में सांप दिख नहीं पाते। नंगे पांव ने चलें, जूते-चप्पल पहनें। घर के आसपास सफाई रखें, झाड़ियां, कचरा, लकड़ी के ढेर न लगाएं। बिल बंद कराएं। खेत-खलिहान में घास काटते समय सावधानी बरतें, ईंट-पत्थर हटाते समय डंडे का इस्तेमाल करें। बिस्तर को ऊंचा रखें, जमीन पर सोने से बचें। मच्छरदानी जरूर लगाएं। उन्होेनंे यह भी अपील की है कि तांत्रिक-ओझा के चक्कर न पड़ें, समय गंवाना जानलेवा हो सकता है।
आपदा विशेषज्ञ अरूण सिंह ने बताया कि सर्पदंश हो जाए तो घबराएं नहीं, मरीज को लिटाएं, काटे हुए हिस्से को हृदय से नीचे रखें। कसकर पट्टी न बांधें, न नस काटें, न मुंह से जहर चूसें। तुरंत अस्पताल ले जाएं। बलरामपुर जिला अस्पताल, नजदीकी सीएचसी में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। ये पूरी तरह मुफ्त है। सांप को मारकर न ले जाएं क्योंकि इलाज में सांप की पहचान जरूरी नहीं। समय बचाएं। याद रखें सही समय पर एंटी वेनम मिलने से लगभग 99 प्रतिशत जान बचाई जा सकती है। आपात स्थिति में एम्बुलेन्स सेवा 108 पर काॅल करके तत्काल मदद प्राप्त करें।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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