‘महिला किसान सशक्तिकरण को मिली नई गति, श्री केशव प्रसाद मौर्य ने स्वीकृत किए 4.95 करोड़ रुपय’

अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की महिला किसानों को मिलेगा कौशल, तकनीकी सहायता और आर्थिक सशक्तिकरण का लाभ

लखनऊ: 14 जून 2026

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिला किसानों को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (एमकेएसपी) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4 करोड़ 95 लाख 83 हजार रुपये से अधिक की धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (क्।ल्-छत्स्ड) के अंतर्गत संचालित महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए उन्हें सशक्त किसान और उद्यमी के रूप में विकसित करना है।

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में स्वीकृत इस धनराशि से विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की महिला किसानों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाएगा। परियोजना के माध्यम से महिला किसानों को कौशल विकास, वित्तीय सहायता, आधुनिक कृषि तकनीक, आजीविका संवर्धन तथा बाजार से जोड़ने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु अनुदान संख्या-83 (अनुसूचित जाति मद) के मानक मद-27 सब्सिडी के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा जारी केन्द्रांश की धनराशि 2 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये तथा उसके सापेक्ष राज्यांश की धनराशि 1 करोड़ 98 लाख 33 हजार रुपये सहित कुल 4 करोड़ 95 लाख 83 हजार रुपये की स्वीकृति उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा प्रदान की गई है।

महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को कृषि क्षेत्र में केवल श्रमिक के रूप में नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली सशक्त किसान और सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। इसके माध्यम से महिला-प्रधान परिवारों तथा संसाधन विहीन समूहों की महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए उनकी आय वृद्धि और सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रदेश सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। महिला किसान जब सशक्त होंगी तो परिवार, गांव और प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी और मजबूत होगी।

महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करने का प्रभावी माध्यम बनेगी। 


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