बबलू गर्ग ब्यूरो चीफ हिंदी संवाद न्यूज़
लोनी विधानसभा क्षेत्र के विधायक नन्द किशोर गुर्जर ने जनपद गाजियाबाद का नाम बदलकर “महाराजा अग्रसेन नगर” किए जाने की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र प्रेषित किया है। गाजियाबाद में हुई प्रेस वार्ता के दौरान रूपचंद नागर व अन्य सिविल सोसाइटी भी उपस्थित रही।
विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि गाजियाबाद का नाम मुगलकालीन वज़ीर गाजीउद्दीन के नाम पर रखा गया था, जो गुलामी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी ऐसे नामों का बने रहना स्थानीय नागरिकों की भावनाओं के विपरीत है तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक अस्मिता के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस विषय में सिविल सोसाइटी द्वारा इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (WPIL 269/2024) दायर की गई थी, जिस पर न्यायालय ने इसे शासन-नीति का विषय बताते हुए अंतिम निर्णय राज्य सरकार पर छोड़ दिया था।
विधायक ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि यह क्षेत्र महाराजा अग्रसेन के राज्य का हिस्सा रहा है, जिनकी राजधानी अग्रोहा थी। साथ ही उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप और भामाशाह जैसे महान व्यक्तित्वों के योगदान का उल्लेख करते हुए क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया।
विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनभावनाओं एवं ऐतिहासिक तथ्यों को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद का नाम बदलकर “महाराजा अग्रसेन नगर” करने हेतु संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश प्रदान किए जाएं, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्स्थापित किया जा सके।
*विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा गाजियाबाद का वर्तमान नाम मुगलकालीन विरासत से जुड़ा हुआ है, जो हमारे स्वतंत्र भारत की सांस्कृतिक भावना के अनुरूप नहीं है। यह क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से महाराजा अग्रसेन जी की परंपरा से जुड़ा रहा है। इसलिए जनभावनाओं का सम्मान करते हुए गाजियाबाद का नाम ‘महाराजा अग्रसेन नगर’ किया जाना चाहिए। मैंने इस संबंध में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अनुरोध भी किया है कि वे इस विषय पर पूर्व की तरह ही जनभावना को देखते हुए सकारात्मक निर्णय लेकर क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को सम्मान दें।*
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