गोण्डा /आई जी श्री अमित पाठक ने जनसुनवाई और मामलों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाया है। रेंज कार्यालय में प्राप्त शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए आईजी ने खरगूपुर के थाना प्रभारी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं, जबकि करनैलगंज के प्रभारी निरीक्षक के विरुद्ध प्रारंभिक जांच शुरू करा दी गई है।
पहले मामले में, खरगूपुर क्षेत्र की निवासी श्रीमती राजेश्वरी ने शिकायत की थी कि उनकी नाबालिग पुत्री के अपहरण मामले में जेल से छूटे अभियुक्त विनय ने पीड़िता के आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए थे। इस पर आईजी ने तत्काल कार्रवाई और अभियुक्त की जमानत निरस्तीकरण के निर्देश दिए थे, लेकिन सात दिन बाद भी थाना प्रभारी द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। आईजी द्वारा स्वयं थाने जाकर की गई समीक्षा में पाया गया कि प्रभारी निरीक्षक शेषमणि पाण्डेय ने न तो अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए मुंबई टीम भेजी और न ही आपत्तिजनक सामग्री हटाने की प्रक्रिया की। इस घोर लापरवाही और संवेदनशीलता की कमी पर आईजी ने पुलिस अधीक्षक गोण्डा को प्रभारी निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और विभागीय कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही संबंधित क्षेत्राधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
दूसरे प्रकरण में, करनैलगंज थाना क्षेत्र के बटौरा बख्तावर सिंह निवासी श्रीचंद्र तिवारी की मोटरसाइकिल चोरी होने के बावजूद प्रभारी निरीक्षक द्वारा मामला दर्ज न करने की बात सामने आई। पीड़ित ने 21 फरवरी को ही प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो उसने 18 मार्च को रेंज कार्यालय में गुहार लगाई। आईजी द्वारा भेजी गई जांच टीम ने पाया कि प्रभारी निरीक्षक ने न तो प्रार्थना पत्र को जनशिकायत रजिस्टर में दर्ज किया और न ही एफआईआर दर्ज की। अपराध को छिपाने और कार्य में शिथिलता बरतने के चलते करनैलगंज के प्रभारी निरीक्षक के विरुद्ध भी प्रारंभिक जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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