उतरौला बलरामपुर - थाना कोतवाली उतरौला की पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी खाद्य लाइसेंस बनवाकर धोखाधड़ी करने के  मामले का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्यवाही थाना कोतवाली उतरौला क्षेत्र अन्तर्गत हफीज फूड्स के नाम से अवैध रूप से फर्जी लाइसेंस प्राप्त कर मांस का विक्रय किए जाने के प्रकरण में की गई है। पुलिस के अनुसार यह मामला खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह मामला सामने आया है। अभि हित अधिकारी/केन्द्रीय अनुज्ञापन प्राधिकारी, (FSSAI) उत्तरी क्षेत्र गाजियाबाद द्वारा फाइल संख्या E-16/Complaint/UP-2/Balrampur/FSSAI/ NR/2025 दिनांक 02 सितम्बर 2025 को प्रेषित जांच रिपोर्ट में हफीज फूड्स के प्रोपराइटर मोहम्मद हफीज पुत्र अब्दुल हमीद, निवासी मोहल्ला रफी नगर, वार्ड नम्बर 16, बलरामपुर के विरुद्ध कूटरचित लाइ सेंस के आधार पर व्यव साय संचालन की पुष्टि की गई थी। इस क्रम में थाना कोतवाली उतरौ ला में दिनांक 21 दिसम्बर 2025 को उपनिरीक्षक शिव कैलाश की तहरीर पर मुकदमा अपराध संख्या 209/2025, धारा 61 खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 एवं धारा 338/336(3)/340(2) बी एन एस के तहत अभियोगपंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान वादी व गवाहों के बयान, वास्तविक एवं कूटरचित लाइसेंस की जांच, निरीक्षण आख्या तथा अभिहित अधिकारी के बयान के आधार पर गम्भीर अप राध की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक बलरा मपुर विकास कुमार के निर्देश पर,अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय एवं क्षेत्राधिकारी उतरौ ला राघवेन्द्र सिंह के पर्य वेक्षण तथा प्रभारी निरी क्षक अवधेश राज सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने इस धोखा धड़ी की घटना का अनावरण किया गया। इसी क्रम में दिनांक 22 जनवरी 2026 को दो अभि युक्त मोहम्मद सैफ पुत्र अब्दुल समीम, निवासी महरानीगंज, थाना कोत वाली नगर, जनपद गोण्डा तथा अशफाक पुत्र चांद मोहम्मद, निवा सी महरानीगंज,थाना कोतवाली नगर, जनपद गोण्डा को क्रमशः गोण्डा जनपद के रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित हाजिम अब्दुल सकीर की दुकान तथा होंडा एजेंसी के सामने से गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि बेरोजगारी के चलते उन्होंने अवैध रूप से धन अर्जित करने की योजना बनाई थी। उतरौला कस्बे में भैंस के मांस की बिक्री को लाभदायक मानते हुए उन्होंने अपने परिचित मोहम्मद हफीज से सम्पर्क किया, और उसे फर्जी लाइसेंस बनवाने का प्रलोभन भी दिया। अभियुक्तों ने ढाई लाख रुपये लेकर कूटरचित व फर्जी खाद्य लाइसेंस तैयार कराया गया, और उसी के आधार पर हफीज फूड्स मीट शॉप के नाम से भैंस के मांस का विक्रय शुरू कर दिया। मांस बिक्री से प्राप्त धनराशि तीनों आपस में बांट लेते थे।
पुलिस ने बताया कि इस मुकदमे में नामजद मुख्य अभियुक्त मोहम्म द हफीज को पूर्व में ही दिनांक 25 दिसम्बर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वर्तमान में गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों के विरु द्ध आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूरी कर उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कियागया है।इस पूरी कार्यवाही में गिरफ्तारी टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक त्रियुगी प्रसाद शर्मा, उपनिरीक्ष क बृजेश कुमार गुप्ता, अजय कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल विनोद कुमार यादव एवं आनन्द सिंह भी शामिल रहे।पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है, किजनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की धोखा धड़ी या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और ऐसे अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही भी जारी रहेगी।

              हिन्दी संवाद न्यूज से
             असगर अली की खबर
               उतरौला बलरामपुर। 

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