आध्यात्मिक शिक्षा से बच्चों में बुद्धिमत्ता 

व ज्ञान का विकास होता है

-- डा.भारती गाँधी, संस्थापिका-निदेशिका, सी.एम.एस.

लखनऊ, 23 मार्च। यदि हम बच्चों को प्रारम्भ से ही नैतिक व आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान करेंगे तो उनमें स्वतः ही मानवीय गुण उत्पन्न होंगे, उनमें बुद्धिमत्ता व ज्ञान की वृद्धि होगी और वे सही और गलत में भेदभाव कर जीवन में सही निर्णय ले सकेंगे। ये विचार हैं सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. भारती गाँधी के, जो आज यहाँ सिटी मोन्टेसरी स्कूल, जाॅपलिंग रोड कैम्पस द्वारा सी.एम.एस. गोमती नगर द्वितीय कैम्पस आॅडिटोरियम में आयोजित डिवाइन एजुकेशन कान्फ्रेन्स में अभिभावकों को सम्बोधित कर रही थीं। आगे बोलते हुए डा. गाँधी ने कहा कि बालक में सद्विचार के बीज बोने के उपरान्त उन्हें प्रेम व स्नेह से सींचकर अपने विचारों को अभिव्यक्त करना भी सिखाना चाहिए। इस अवसर पर वार्षिक परीक्षा, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, साँस्कृतिक कार्यक्रमों व खेलकूद में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का गौरव बढ़ाने छात्रों को पुरष्कृत कर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्या श्रीमती शिप्रा 

उपाध्याय ने विद्यालय के शिक्षकों व अभिभावकों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

सी.एम.एस. अलीगंज प्रथम कैम्पस द्वारा डिवाइन एजुकेशन कान्फ्रेन्स का भव्य आयोजन आज विद्यालय के सजे-धजे विशाल प्रांगण में किया गया। समारोह में विद्यालय के छात्रों ने ईश्वरीय एकता व आध्यात्मिक चेतना का आलोक बिखेरते रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक प्रस्तुतियों से अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर अभिभावकों को संबोधित करते हुए विद्यालय की वरिष्ठ प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योति कश्यप ने कहा कि सी.एम.एस. अपने छात्रों का सर्वांगीण विकास कर ‘टोटल क्वालिटी पर्सन’ बनाने को दृढ़-संकल्पित है तथा इसी उद्देश्य को लेकर यह आध्यात्मिक शिक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया है। समारोह के अन्त में प्रधानाचार्या श्रीमती शिवानी सिंह नंे अभिभावकों के प्रति हार्दि आभार व्यक्त किया।

इसी प्रकार, सी.एम.एस. आनन्द नगर कैम्पस द्वारा सी.एम.एस. कानपुर रोड आॅडिटोरियम में आयोजित डिवाइन एजुकेशन कान्फ्रेन्स में भी रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच विद्यालय के मेधावी छात्रों को पुरष्कृत कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानाचार्या सुश्री रीना सोटी ने कहा कि छात्रों को भौतिक व सामाजिक शिक्षा प्रदान करने के साथ ही उनका चरित्र निर्माण भी बहुत आवश्यक है। सी.एम.एस. अपने छात्रों को व्यापक तथा समाजोपयोगी ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित करता है, जिससे ये छात्र आगे चलकर विश्व समाज का कल्याण कर सकें। सी.एम.एस. राजाजीपुरम प्रथम कैम्पस द्वारा विद्यालय प्रांगण में आयोजित डिवाइन एजुकेशन कान्फ्रेन्स में छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ प्रधानाचार्या श्रीमती निशा पाण्डेय ने कहा कि शिक्षकों को छात्र-छात्राओं में सकारात्मक सोच जागृत करना चाहिए। यही सकारात्मक सोच इन्हें विपरीत परिस्थितियों से जूझने का बल प्रदान करती है और वे आगे चलकर सफलता की ऊँचाइयों पर पहंुचते हैं। उन्होंने मेधावी छात्रों से कहा कि अपनी कक्षा के साथियों को भी उच्च सफलता हेतु प्रेरित करें। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि मुझे हार्दिक प्रसन्नता है कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में हमें अभिभावकों का सहयोग निरन्तर मिल रहा है। उन्होंने अभिभावकों का हार्दिक आभार व्यक्त किया।


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