मुख्यमंत्री ने 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेण्टल सेण्टर
में आयोजित ‘किराँती शौर्य समारोह’ को सम्बोधित किया

मुख्यमंत्री ने वीर नारियों को सम्मानित किया

भारतीय सेना 140 करोड़ भारतवासियों के गौरव की प्रतीक, हमारे सैनिकों ने युद्धकाल और शांति काल में देश की रक्षा और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया

अनुशासन, देशभक्ति और युद्ध कौशल गोरखा रेजिमेन्ट की पहचान, गोरखा
अपनी बहादुरी का परिचय शब्दों से नहीं, बल्कि सीमाओं पर तैनाती
के दौरान अपनी वीरतापूर्ण कार्यवाही से देते

देश का सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र, 11 गोरखा रेजिमेन्ट के
शहीद कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय को प्रदान किया गया था,
वे लखनऊ स्थित देश के प्रथम सैनिक स्कूल के छात्र रहे

प्रदेश सरकार ने इस सैनिक स्कूल का
नामकरण कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय के नाम पर किया

उत्तर प्रदेश, वीरों की भूमि, अनेक वीरों ने अपने शौर्य
और पराक्रम से देश की सुरक्षा करते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया

प्रदेश सरकार सेवारत सैनिकों, सेवानिवृत्त सैनिकों तथा वीर
नारियों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही

देश की सीमाओं की रक्षा करने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के परिजनों को प्रदेश सरकार की ओर से 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि
और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था

राज्य सरकार जनपद गोरखपुर में प्रदेश के 5वें सैनिक
स्कूल के निर्माण की कार्यवाही को युद्धस्तर पर आगे बढ़ा रही

प्रधानमंत्री जी ने देश में 100 नये सैनिक स्कूल स्थापित करने
का अभियान प्रारम्भ किया, वृन्दावन, जनपद मथुरा में सम्विद
गुरुकुलम बालिका सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया

21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप, वीर सपूतों के शिक्षण और
प्रशिक्षण के लिए प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय
की स्थापना की, इसका एक परिसर लखनऊ में प्रारम्भ हो चुका

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा, डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ
नोड में डी0आर0डी0ओ0 ब्रह्मोस तथा झांसी नोड में भारत डायनमिक्स
लिमिटेड द्वारा दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्थापित की जा रही

प्रधानमंत्री जी ने जनपद अमेठी में भारत और रूस के संयुक्त
उपक्रम इण्डो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड को राष्ट्र को समर्पित किया

उ0प्र0 में एच0ए0एल0, ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड
आदि इकाइयां सेना की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रही है

फरवरी, 2020 में लखनऊ में डिफेंस एक्सपो-2020 के आयोजन में डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश से जुड़े हजारों करोड़ रु0 के प्रस्ताव प्राप्त हुए

डिफेंस कॉरिडोर ‘मेक इन इण्डिया’ संकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा, प्रदेश के युवाओं को व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर भी सुलभ कराएगा


लखनऊ : 09 फरवरी, 2024


     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भारतीय सेना 140 करोड़ भारतवासियों के गौरव की प्रतीक है। देशवासी इसकी ताकत को जानते हैं और उस पर अटूट विश्वास करते हैं। भारतीय सेना का स्वर्णिम इतिहास रहा है। हमारे सैनिकों ने युद्धकाल और शांति काल में देश की रक्षा और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। अपने जीवन की परवाह किये बिना सेना के बहादुर जवानों ने कठिन से कठिन परिस्थितियों तथा दुर्गम स्थानों पर रहकर देश की एकता, अखण्डता और सम्प्रभुता की रक्षा की है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेण्टल सेण्टर में आयोजित प्लेटिनम जुबली समारोह ‘किराँती शौर्य समारोह’ के अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने वीर नारियों को सम्मानित किया। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति की गयी। वीर बच्चों द्वारा मार्शल आर्ट्स तथा अग्निवीरों द्वारा युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया गया। रेजिमेंट की मोटर साइकिलिंग टीम ने भी अपने कौशल का प्रदर्शन किया। समारोह में गोरखा राइफल्स के इतिहास पर एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
मुख्यमंत्री जी ने सभी सैन्य अधिकारियों, बहादुर जवानों तथा उनके परिजनों को 11 गोरखा राइफल्स के प्लेटिनम जुबली समारोह की बधाई देते हुए कहा कि इस रेजिमेण्ट के 75 वर्षां की शानदार सेवा इसलिए और भी मायने रखती है, क्योंकि भारत की आजादी के बाद गठित होने वाली यह पहली रेजिमेण्ट है। भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम पर कोई भारतीय कभी भी संदेह नहीं करता। विगत 05 जनवरी को उन्हें लखनऊ में ‘नो योर आर्मी फेस्टिवल-2024’ के उद्घाटन कार्यक्रम तथा 14 जनवरी को भारतीय सेना के वीरता पदक विजेताओं के स्वागत समारोह में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अनुशासन, देशभक्ति और युद्ध कौशल गोरखा रेजिमेन्ट की पहचान है। गोरखाओं की शौर्य गाथा का उल्लेख सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विश्व की अन्य सेनाओं में किया जाता है। गोरखा अपनी बहादुरी का परिचय शब्दों से नहीं, बल्कि सीमाओं पर तैनाती के दौरान अपनी वीरतापूर्ण कार्यवाही से देते हैं। भारत में तैनात विभिन्न गोरखा रेजिमेन्टों में से एक, 11 गोरखा रेजिमेन्ट ने अपनी स्थापना के बाद कई युद्ध लड़े।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम सभी के लिए यह अत्यन्त गौरवपूर्ण है कि वीर और पराक्रमी जवानों की यह रेजिमेन्ट उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित है। वर्ष 1983 में लखनऊ में आने के बाद इस रेजिमेन्ट ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। इस रेजिमेन्ट के वीर जवानों ने अपने शौर्य और पराक्रम से इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया है। अपने इस अपेक्षाकृत छोटे कार्यकाल में इस रेजिमेन्ट ने देश को कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय, सूबेदार मेजर गंजु लामा जैसे अनेक शूरवीर दिए हैं। साथ ही, इस रेजिमेन्ट से देश के 02 सी0डी0एस0 तथा कई जनरलों की नियुक्ति भी हुई है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए लड़े गए प्रत्येक युद्ध में गोरखा रेजिमेन्ट के वीर सैनिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। देश का सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र, 11 गोरखा रेजिमेन्ट के शहीद कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय को प्रदान किया गया था। वे लखनऊ स्थित देश के प्रथम सैनिक स्कूल के छात्र रहे थे। प्रदेश सरकार ने इस सैनिक स्कूल का नामकरण कैप्टन मनोज कुमार पाण्डेय के नाम पर किया है। इस रेजिमेन्ट ने युद्ध के मैदान के साथ-साथ खेल के मैदान में भी अपना परचम लहराया है। इस रेजिमेन्ट ने पिस्टल किंग जीतू रॉय जैसे बेहतरीन खिलाड़ी दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शौर्य सन्ध्या 11 गोरखा रेजिमेन्ट के उन वीर सैनिकों के शौर्य तथा पराक्रम को याद करने का अवसर है, जिन्होंने अपने सर्वोच्च बलिदान से मातृभूमि की रक्षा की तथा गोरखा रेजिमेन्ट का गौरव बढ़ाया। यह दिन उन वीर गोरखा सैनिकों की पावन स्मृतियों को समर्पित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, वीरों की भूमि है। यह धरती महान क्रान्तिकारी मंगल पाण्डेय, झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई, शहीद चन्द्रशेखर आजाद, पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ तथा वीर अब्दुल हमीद की भूमि है। देश की सुरक्षा के लिए हर लड़ाई में हमारे जवानों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अनेक वीरों ने अपने शौर्य और पराक्रम से देश की सुरक्षा करते हुए प्रदेश का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार सेवारत सैनिकों, सेवानिवृत्त सैनिकों तथा वीर नारियों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। देश की सीमाओं की रक्षा करने में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के परिजनों को प्रदेश सरकार की ओर से 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था भी करती है। राज्य सरकार जनपद गोरखपुर में प्रदेश के 5वें सैनिक स्कूल के निर्माण की कार्यवाही को युद्धस्तर पर आगे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश में 100 नये सैनिक स्कूल स्थापित करने का अभियान प्रारम्भ किया है। विगत 01 जनवरी को वृन्दावन, जनपद मथुरा में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा सम्विद गुरुकुलम बालिका सैनिक स्कूल का उद्घाटन किया गया है। आज युवाओं के लिए सेना में शामिल होने के अनेक कार्यक्रम आगे बढ़ रहे हैं। 21वीं सदी की चुनौतियों के अनुरूप, वीर सपूतों के शिक्षण और प्रशिक्षण के लिए प्रधानमंत्री जी ने राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय की स्थापना की है। राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय अपना एक परिसर लखनऊ में प्रारम्भ कर चुका है। स्थायी भवन का निर्माण होने तक विश्वविद्यालय का अस्थायी कैम्पस डॉ0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में संचालित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के लखनऊ परिसर की स्थापना सुरक्षा बलों में शामिल होने के इच्छुक युवाओं की सुरक्षा क्षेत्र में कौशल वृद्धि के उद्देश्य से की गई है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में आज भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त कर रहा है। वर्ष 2018 में यू0पी0 इन्वेस्टर्स समिट का शुभारम्भ करते हुए प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर की स्थापना किये जाने की घोषणा की थी। राज्य सरकार इस डिफेंस कॉरिडोर के निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ा रही है। डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लखनऊ नोड में डी0आर0डी0ओ0 ब्रह्मोस तथा झांसी नोड में भारत डायनमिक्स लिमिटेड द्वारा दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मार्च, 2019 में प्रधानमंत्री जी ने जनपद अमेठी में भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम इण्डो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड को राष्ट्र को समर्पित किया था। उत्तर प्रदेश में एच0ए0एल0, ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियां, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड आदि इकाइयां सेना की दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रही है। फरवरी, 2020 में प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डिफेंस एक्सपो-2020 का सफल आयोजन किया गया था। इस अवसर पर डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर में निवेश से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के प्रस्ताव उत्तर प्रदेश शासन को प्राप्त हुए। डिफेंस कॉरिडोर जहां एक ओर रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री जी की ‘मेक इन इण्डिया’ संकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के युवाओं को व्यापक स्तर पर रोजगार के अवसर भी सुलभ कराएगा।
इस अवसर पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, जनरल ऑफिसर कमाण्डिंग-इन-चीफ सदर्न कमाण्ड लेफ्टिनेंट जनरल श्री अजय कुमार सिंह, जनरल ऑफिसर कमाण्डिंग-इन-चीफ सेण्ट्रल कमाण्ड लेफ्टिनेंट जनरल एन0एस0 राजा सुब्रमणि, मुख्य सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्र, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, सहित 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेण्ट के अधिकारी उपस्थित थे।

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