उतरौला (बलरामपुर)  लेखपाल व अधिवक्ता विवाद मे एडीएम से वार्ता विफल होने के बाद आक्रोशित वकीलो ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे पर चक्का जाम कर विरोध जताया एवं मांगे पूर्ण न होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की गई।संघ द्वारा महापंचायत करने का निर्णय भी लिया गया, 21 जनवरी को वकील जेल भरेंगे।वकीलों के आंदोलन के चलते दो घण्टे तक लोगों को जाम की समस्या से जूझना पडा।
             अधिवक्ता संघ ने गुरुवार को  हुई बैठक में वार्ता करने गए प्रतिनधि मण्डल  सदस्यों द्वारा ए डी एम से हुई वार्ता की जानकारी संघ को दी गई।सदन ने सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मांगे पूरी होने तक  आंदोलन जारी रखा जाएगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गुरूवार को श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहा पर चक्का जाम कर विरोध जताया।   अधिवक्ता21 जनवरी को जेल भरेगें। मांग ना पूरी होने पर महापंचायत बुलाने का भी निर्णय लिया है ।
चक्का जाम के दौरान अधिवक्ता इजहारुल हसन ने कहाकि प्रशासन लेखपालों को बचाने का प्रयास कर रहा है। पूर्व अध्यक्ष मार्कंडेय मिश्र ने कहाकि चाहे जितना दिन संघर्ष करना पड़े अधिवक्ता पीछे नहीं हटेंगे ,जररूत पड़ी तो आमरण अनशन भी करने से पीछे नही हटेंगे। अधिवक्ता संघ अध्यक्ष ने कहाकि जिला प्रशासन लेखपालों के सामने नतमस्तक हैं । कहाकि पूर्व निर्णय के अनुसार 21 दिसम्बर से अधिवक्ता जेल भरना शुरू करेगें ।  महामंत्री गयासुद्दीन खान ने भ्रष्ट प्रशासन के विरुद्ध चल रहे आंदोलन को मांगो के पूरी ना होने तक चलने का ऐलान किया । रमेश दत्त चतुर्वेदी ने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों के रहते हुए आमजन को न्याय मिलना संभव नहीं है।देवेंद्र कुमार ने कहाकि अधिवक्ता संघ इस लड़ाई को आर पार लड़ने के लिए तैयार है जब जब तक मांगे नहीं मानी जाती हैं आंदोलन जारी रहेगा ।अनीसुल हसन रिजवी ने  आरोप लगाया कि प्रशासन के उच्चाधिकारी भ्रष्ट अधिकारियों का समर्थन कर रहे हैं । मोहम्मद मुस्लिम खान ने कहा कि जनता को न्याय दिलाने वाला आज सड़क पर है, प्रशासन की हठधर्मिता आम जनता के हितों पर भारी पड़ रही है। लकी  खान ने  कहा कि अभी तो उतरौला तहसील ही आंदोलन कर रहा है यदि समय रहते प्रशासन नहीं चेता तो पूरे जिले व प्रदेश के अधिवक्ता आंदोलन करेंगे ।  अधिवक्ता विजय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि शासन के शह पर अधिकारी बेलगाम हो गए हैं जिसके चलते जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा ।
 अधिवक्ता अब्दुल मोइद सिद्दीकी ने कहा कि शासन प्रशासन के मिलीभगत से अधिवक्ताओं के आंदोलन को कमजोर करने का साजिश करार दिया हैं । ओपी सिंह, बाबू राम यादव योगेश वर्मा गिरीश पांडेय,लक्ष्मी निवास तिवारी, अजीत सिंह , हबीबुलाह,सतीश चंद्र,जगदीश वर्मा,बृजेश वर्मा,नीरज गुप्त,मारुति नन्दन मिश्र , अजय मिश्र ,सुनील तिवारी, अखिलेश तिवारी, निजाम अंसारी, आशीष गुप्ता, महेंद्र पांडेय, देवेंद्र कुमार, परशुराम यादव, बबर अली,  आशीष कसौधन व निजाम अंसारी सहित अन्य वकील मौजूद रहे।
उतरौला।
अधिवक्ताओं की कार्य बहिष्कार के चलते आमजन की समस्या की फरियाद तहसील कार्यालय में उप जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में तहसीलदार न्यायिक अभय सिंह ने सुनी और समस्या निस्तारण किया गया।
असगर अली
उतरौला

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