*किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे अपात्रों पर शीघ्र ही कार्रवाई*
अंबेडकरनगर। केंद्र सरकार की ओर से संचालित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे अपात्रों पर शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।। शासन के निर्देश पर नौ मई से सोशल ऑडिट की टीम घर-घर जाकर सर्वे कर अपात्रों को चिह्नित करेगी।ऐसे अपात्रों का न सिर्फ सूची से नाम हटाया जाएगा, बल्कि उनसे रिकवरी भी की जाएगी। इसके साथ ही ऐसे पात्र, जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनका नाम सूची में शामिल कर लाभ दिलाया जाएगा। 30 जून तक चलने वाले अभियान के लिए टीम का गठन कर दिया गया है।
लघु सीमांत किसानों के उत्थान के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का संचालन किया जा रहा है। योजना के तहत पात्रता की सूची में शामिल किसानों को प्रति वर्ष छह हजार रुपये उनके खाते में भेजे जाते हैं। बीते कुछ समय से लगातार यह शिकायत सामने आ रही थी कि कुछ ऐसे भी व्यक्ति योजना का लाभ उठा रहे हैं, जो अपात्र हैं। इसके साथ ही जो पात्र हैं, उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए बीते दिनों ई-केवाईसी कराने का निर्देश दिया था। तमाम निर्देश के बाद भी ई-केवाईसी कराए जाने की गति काफी सुस्त रही। इसे देखते हुए अब योजना का लाभ ले रहे अपात्रों पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने स्थलीय सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के अनुसार नौ मई से सत्यापन का कार्य चलेगा। 30 जून तक चलने वाले सत्यापन अभियान के लिए सोशल ऑडिट टीम का गठन कर दिया गया है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सोशल ऑडिट के लिए लेखपाल, ग्राम पंचायत व विकास अधिकारी के अलावा कृषि विभाग के अधिकारी सोशल टीम में शामिल हैं। यह टीम प्रत्येक ग्राम पंचायत में सार्वजनिक स्थल पर सूची चस्पा करेगी।
लाभार्थियों का नाम पढ़कर सुनाया जाएगा। इसके बाद लाभ ले रहे भूमिहीन, मृतक या फिर अन्य कारणों से अपात्र लोगों का चिह्नांकन किया जाएगा। ऐसे अपात्रों की सूची तैयार कर कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही ऐसे पात्र जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनका चिह्नांकन कर उनका नाम सूची में शामिल किया जाएगा। ऐसे किसानों का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा, जो वास्तव में कृषक हैं, लेकिन संबंधित ग्राम पंचायत या फिर जनपद में रह रहे हैं, उनका उनके आवासीय पते का सत्यापन कराया जाएगा।
अधिकारियों की टीम करेगी निगरानी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का सोशल ऑडिट करने वाली टीम की निगरानी डीएम की अध्यक्षता में गठित टीम करेगी। टीम में डीएम अध्यक्ष होंगे, जबकि सीडीओ उपाध्यक्ष, उप कृषि निदेशक सचिव, जिला विकास अधिकारी, एसडीएम व जिला कृषि अधिकारी सदस्य होंगे।
यह होंगे अपात्र
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के अनुसार संस्थागत भूमि स्वामी, ऐसा कृषक परिवार, जिसमें एक या एक से अधिक निम्र श्रेणी के सदस्य हों, भूतपूर्व व वर्तमान समय में संवैधानिक पदों पर तैनात, सभी सेवानिवृत्त पेंशनर्स, जिनकी मासिक पेंशन 10 हजार रुपये हो, आयकर भुगतान दाता हो, चिकित्सक, इंजीनियर, अधिवक्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट अपात्र श्रेणी में आएंगे। इसके अलावा राज्यमंत्री, विधानसभा, राज्यसभा, राज्य परिषद, लोकसभा के वर्तमान या भूतपूर्व सदस्य, नगर पालिका, नगर पंचायत व नगर निगम के अध्यक्ष व महापौर अपात्र की श्रेणी में रखे गए हैं।
30 जून तक चलेगा अभियान
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे अपात्रों के चिह्नांकन का कार्य नौ मई से 30 जून तक चलेगा। इस दौरान सोशल ऑडिट टीम द्वारा न सिर्फ अपात्रों का चिह्नांकन कर उनका नाम सूची से बाहर कर कार्रवाई की जाएगी, बल्कि पात्र होते हुए भी जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उनका नाम सूची में शामिल किया जाएगा।
राजमंगल चौधरी, प्रभारी उप कृषि निदेशक

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