प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरईगांव पर एक ऐसे विचित्र बच्चे का जन्म हुआ, जिसके आठ मुंह, आंख, नाक भी थी। हालांकि जन्म के करीब 20 मिनट बाद बच्चे की मौत हो गई। उधर स्वास्थ केंद्र पर जन्मे इस बच्चे को देखने वालों की भीड़ लगी रही। लोगों में तरह-तरह की चर्चा होती रही जबकि बाल रोग विशेषज्ञ के अनुसार भ्रुण के विकसित होने के दौरान गड़बड़ी की वजह से ही ऐसा होता है।


चिरईगांव के फूलपुर निवासी अनूप कुमार की पत्नी सुमन देवी को मंगलवार की रात में चिरईगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डिलिवरी के लिए भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह उसने एक बच्चे को जन्म दिया।  ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स मानती देवी के अनुसार बच्चा कुछ  अलग ही तरह का लग रहा था, जबकि पैदा होने के 20 मिनट बाद ही उसकी मौत हो गई।नर्स ने बताया कि बच्चे को आठ आंख, मुंह और नाक थे। स्वास्थ्य केंद्र पर इस घटना के खबर मिलते ही विचित्र बच्चे को देखने वालों की भीड़ भी जुट गई। इस बारे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि बच्चे के जन्म होने के कुछ ही समय बाद वह मर गया।                               बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक राय का कहना है कि क्रोमोसोम में गड़बड़ी की वजह से ही इस तरह के बच्चे पैदा होते हैं। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान भ्रूण के विकसित होने के दौरान ही क्रोमोसोम में गड़बड़ी हो जाती है। इसे क्रोमोसोम डिफेक्ट कहा जाता है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर ऐसे बच्चे 9 महीने से पहले ही पैदा हो जाते हैं। आमतौर पर ऐसे मामले लाखों में एक देखने को मिलते हैं। इसमे बच्चा ज्यादा देर तक जिंदा नहीं रह सकता है।

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