मुख्यमंत्री ने डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग (डी-3) त्रिवेणी कार्यक्रम को सम्बोधित किया

सोशल मीडिया क्रिएटर्स कन्टेण्ट निर्माता के साथ ओपिनियन मेकर की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं : मुख्यमंत्री

सोशल मीडिया क्रिएटर्स उ0प्र0 की सफलता की कहानियों को देश-दुनिया तक पहुंचाएं

एक सकारात्मक कन्टेण्ट किसी महिला उद्यमी, स्टार्टअप, किसान, कारीगर या स्ट्रीट वेण्डर के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता

न्यूज को न्यूज के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए, व्यूज के लिए नहीं

प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में विगत 09 वर्षों में उ0प्र0 ने पहचान के संकट से निकलकर देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान बनाया

प्रदेश आज सुशासन, सुरक्षा, आधारभूत संरचना, निवेश, पर्यटन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा

राज्य को 50 लाख करोड़ रु0 से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

उ0प्र0 डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए अब तक लगभग 35 हजार करोड़ रु0 के निवेश प्रस्ताव प्राप्त

लखनऊ : 15 जून, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि सोशल मीडिया क्रिएटर्स समाज में केवल कन्टेण्ट निर्माता नहीं, बल्कि ओपिनियन मेकर की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्रिएटर्स उत्तर प्रदेश की सफलता की कहानियों को देश-दुनिया तक पहुँचाएं। एक सकारात्मक कन्टेण्ट किसी महिला उद्यमी, स्टार्टअप, किसान, कारीगर या स्ट्रीट वेण्डर के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि न्यूज को न्यूज के रूप में प्रस्तुत किया जाना चाहिए व्यूज के लिए नहीं। सत्य के साथ चलने का साहस ही लोकतंत्र को मजबूत बनाता है।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के तत्वावधान में आयोजित सुशासन, संस्कृति और समृद्धि पर आधारित तीन दिवसीय ‘डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग’ (डी-3) ‘त्रिवेणी’ कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देशभर से आए आप सभी सोशल मीडिया क्रिएटर्स को उत्तर प्रदेश को नजदीक से देखने, समझने और यहाँ हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों का अनुभव करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने पहचान के संकट से निकलकर देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में अपना स्थान बनाया है। प्रदेश आज सुशासन, सुरक्षा, आधारभूत संरचना, निवेश, पर्यटन, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का राष्ट्रीय मॉडल बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कॉन्क्लेव में आए प्रतिभागियों ने अयोध्या और लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट का भ्रमण किया है। आप सभी सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने नई अयोध्या के स्वरूप को देखा है। आज अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं बल्कि, भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन चुकी है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश का प्रत्येक क्षेत्र अपनी विशिष्ट पहचान के साथ विकास की नई यात्रा तय कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक साइंस इंस्टीट्यूट प्रदेश में कानून-व्यवस्था और आधुनिक तकनीक आधारित जाँच प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जिस भूमि पर आज यह अत्याधुनिक संस्थान संचालित हो रहा है, उस पर पूर्व में भू-माफिया का अवैध कब्जा था। वर्ष 2017 में हमारी सरकार बनने के बाद इस भूमि को मुक्त कराकर जनहित में उपयोग सुनिश्चित किया गया। आज वहाँ फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन टेक्नोलॉजी तथा अन्य उभरती तकनीकों से सम्बन्धित डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। 03 नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद फॉरेंसिक साक्ष्यों का महत्व और बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश ने समय रहते विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार कर प्रत्येक जनपद में 02-02 मोबाइल फॉरेंसिक वैन की व्यवस्था सुनिश्चित की है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी दृष्टिकोण के साथ प्रदेश सरकार ने ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध करायी। आज लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है, जो देश की रक्षा क्षमता को नई मजबूती प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन पर उत्तर प्रदेश में स्थापित डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के 06 नोड-लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, झांसी और चित्रकूट रक्षा उत्पादन के महत्वपूर्ण केन्द्र बन रहे हैं। प्रदेश को इस क्षेत्र में अब तक लगभग 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कभी बीमारू राज्य की श्रेणी में गिना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रदेश लगातार अग्रणी स्थान पर है। राज्य को 50 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो प्रदेश के प्रति निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने आधारभूत संरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। आज देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है। प्रदेश में 04 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क विकसित किया गया है। सभी जिला मुख्यालयों को 04-लेन कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। प्रदेश के पास 16 हजार किलोमीटर का रेलवे नेटवर्क है। देश में जिन 20 शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है, उनमें 07 शहर उत्तर प्रदेश के हैं। देश की पहली रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ के मध्य संचालित है। देश का पहला राष्ट्रीय जलमार्ग वाराणसी से हल्दिया तक क्रियाशील है। वाराणसी में देश का पहला शहरी रोप-वे प्रारम्भ होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों की संख्या केवल 41 थी, जो 17 जनपदों तक सीमित थी। आज उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 83 हो गई है तथा प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। उत्तर प्रदेश की पहचान अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ नहीं बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन’ से बन रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कभी पलायन और पिछड़ेपन के लिए चर्चित बुन्देलखण्ड आज विकास का नया केन्द्र बन रहा है। हर घर नल योजना, प्रधानमंत्री सिंचाई योजना, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे और डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, जो कभी बीमारियों और पलायन के लिए जाना जाता था, आज विकास, निवेश और अवसरों के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिला स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स, स्ट्रीट वेण्डर्स, कारीगरों और किसानों ने विकास की नई कहानी लिखी है। ओ0डी0ओ0पी0 योजना ने प्रदेश के पारम्परिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलायी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज आध्यात्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के वैश्विक केन्द्र के रूप में स्थापित हो रहा है। विगत वर्ष प्रदेश में लगभग 156 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ, जो उत्तर प्रदेश की बढ़ती लोकप्रियता और बेहतर व्यवस्थाओं का प्रमाण है। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृन्दावन, प्रयागराज, चित्रकूट और नैमिषारण्य जैसे आध्यात्मिक केन्द्र आज दुनिया भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रयागराज महाकुम्भ-2025 ने उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलायी है। यह आयोजन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और भारतीय आध्यात्मिक परम्परा का अनुपम उदाहरण बनकर उभरा है। चित्रकूट में महाकुम्भ के दौरान तमिलनाडु से आए श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों के बीच बने आत्मीय सम्बन्धों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह सम्बन्ध ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना का जीवन्त उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री जी ने रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी से आग्रह किया कि भविष्य में ऐसे कॉन्क्लेव प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों-काशी, प्रयागराज, चित्रकूट, बुन्देलखण्ड, मथुरा-वृन्दावन और नैमिषारण्य में भी आयोजित किए जाएं, ताकि देश और दुनिया उत्तर प्रदेश के बहुआयामी विकास, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों को और बेहतर ढंग से समझ सके।
रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष एवं संरक्षक डॉ0 विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।
इस अवसर पर नागालैण्ड के कैबिनेट मंत्री श्री तेमजेन इम्ना अलोंग, प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण, रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी की गवर्निंग कॉउसिल की सदस्य श्रीमती मृणालिनी नन्दीवाडेकर, सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी, सूचना निदेशक श्री विशाल सिंह, सोशल मीडिया क्रिएटर्स सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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