उतरौला बलरामपुर - गोरखपुर राष्ट्रीय राज मार्ग के निर्माण कार्य को लेकर केन्द्र सरकार की मंजूरी होने के बाद सरकार ने तहसील उतरौला क्षेत्र के पचास गांवों पर जमीन के विक्रय पर रोक लगा दी गई है। सरकार के द्वारा जमीन के विक्रय पर रोक लगाए जाने से किसान बहुत ही परेशान हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के द्वारा जारी पत्र में जिला अधिकारी बलरामपुर को निर्देश दिया गया है कि सरकार ने शामली गोरखपुर राज मार्ग के छः लेन सड़क निर्माण की परियोजना की मंजूरी दे दी गई है। इस मार्ग के निर्माण में तहसील उतरौला क्षेत्र के पचास गांवों की भूमि पर निर्माण होना तय है। राजमार्ग में किए गए सर्वे में गांव का चयन होने से इस गांव में जमीन का विक्रय पर रोक दिया गया है। परियोजना की मंजूरी पर तहसील उतरौला क्षेत्र के पचास गांवों की भूमि का विक्रय रोक दिए जाने से पचास गांवों के किसान बहुत ही परेशान हैं। किसानों का कहना है कि प्राधिकरण के आदेश में जमीन अधिग्रहण होने वाले भूमि का खसरा नम्बर नहीं दिया गया है और पूरे गांव की जमीन बेचने से रोक दी गई है। किसानों की जमीन का खसरा नम्बर दिए जाने से उसी जमीन की बिक्री नहीं हो सकेगी।शेष जमीन जैसे आबादी में बने मकान, बाग व निजी तालाब की भूमि को ही बेचने व बेचा जा सकता है। वहीं इस पचासों गांव के किसानों को जमीन बंधक रखकर कृषि कार्य के लिए ऋण नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने सरकार से मांग की है कि प्राधिकरण के द्वारा जमीन अधिग्रहण का खसरा नम्बर का खुलासा कर दें। उसके बाद शेष भूमि को किसान बैच सकते हैं।

          हिन्दी संवाद न्यूज से
         असगर अली की खबर
          उतरौला बलरामपुर। 

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