पावनी की शीतल परियोजना को मिली सराहना

पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण में अभिनव योगदान हेतु सम्मानित

लखनऊ, 7 जून। सिटी मोन्टेसरी स्कूल, गोमती नगर द्वितीय कैम्पस के कैम्ब्रिज इण्टरनेशनल की कक्षा-12 की छात्रा पावनी अग्रवाल को पर्यावरण एवं ऊर्जा संरक्षण हेतु विकसित किये गये अभिनव प्रोजेक्ट ‘सोलर हिंज्ड एनर्जी एफिशिएन्ट टेराकोटा एअर-कूलर लाइनअप (शीतल) हेतु सेंटर फॉर साइन्स एण्ड टेक्नोलॉजी (सी.एस.टी.), उत्तर प्रदेश द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया है। पावनी की इस सृजनात्मक परियोजना ने पर्यावरण को हानि पहुचाने वाली एअर-कंडीशनर जैसी मशीनों का बड़ा ही अनूठा विकल्प प्रदान किया है, साथ ही भावी पीढ़ी को विज्ञान व तकनीक के समाजोपयोगी उपयोग हेतु प्रेरित किया है। यह जानकारी सी.एम.एस. के जन-सम्पर्क अधिकारी श्री ऋषि खन्ना ने दी है। श्री खन्ना ने बताया कि अभी हाल ही में पावनी ने अपने इस अनूठे प्रोजेक्ट को उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव, श्री आशीष तिवारी, आई.एफ.एस., के समक्ष प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार की क्लाइमेट चेन्ज टीम एवं रिसर्च टीम के सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सी.एम.एस. छात्रा के समाजोपयोगी प्रोजेक्ट की भूरि-भूरि प्रशंसा की एवं पर्यावरण संरक्षण की उसकी प्रतिबद्धता हेतु हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर पावनी ने बताया कि उन्होंने यह प्रोजेक्ट ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों और अस्पतालों के लिए खास तौर पर तैयार किया है।

श्री खन्ना ने बताया कि पावनी अग्रवाल ने यह ‘शीतल’ परियोजना श्री रामस्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के डीन डा. अभिषेक सक्सेना के मार्गदर्शन में पूरी की है, जिससे कि गर्मी के मौसम में पर्यावरणीय क्षति और बिजली की खपत को कम किया जा सके, साथ ही आम जन-मानस को अत्यन्त कम खर्च में नवीन शीतलन प्रणाली उपलब्ध कराई जा सके। इस प्रोजेक्ट में सौर ऊर्जा की मदद से एक पम्प द्वारा पानी के प्रवाह को रिसाइकिल कर टेराकोटा एवं जलवाष्प की मदद से एअर-कडीशनर जैसी ठंडक प्राप्त की जा सकती है। पावनी के इस ‘शीतल’ प्रोजेक्ट के माध्यम से भीषण गर्मी में भी तापमान में 10 डिग्री से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट से न सिर्फ बिजली की खपत को कम किया जा सकता है अपितु स्थानीय सामग्रियों का उपयोग से ही लोग आजीविका भी प्राप्त कर सकते हैं। पावनी ने भारत और यूरोप में ‘शीतल’ प्रोजेक्ट के पेटेंट हेतु आवेदन भी किया है।

सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने सी.एम.एस. छात्रा की वैज्ञानिक प्रतिभा एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उसके उज्जवल भविष्य की कामना की है। प्रो. किंगडन ने कहा कि पावनी की यह ‘शीतल’ परियोजना पर्यावरण व ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर है। यह उन लोगों के लिए भी बेहद फायदेमंद है, जो एअर-कंडीशनर जैसी मंहगी मशीनों का खर्च वहन करने में सक्षम नहीं हैं। सी.एम.एस. परिवार को पावनी की इस उपलब्धि पर गर्व है।

 


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