कृत्रिम अंगों की सूची में शामिल हुआ ऑक्सीजन कंसनट्रेटर

 

-योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 2011 में किया संशोधन

 

-प्रदेश सरकार में कार्यरत या रिटायर अधिकारी/कर्मचारी कर सकेंगे प्रतिपूर्ति का आवेदन

 

-कोरोना संकट के दौरान भी सरकार ने नहीं होने दी थी प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी

 

लखनऊ, 27 अप्रैल। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (चिकित्सा परिचर्या) नियमावली 2011 में संशोधन करते हुए कृत्रिम अंगों की सूची में ऑक्सीजन कंसनट्रेटर को भी शामिल कर लिया है। अब प्रदेश के सेवारत एवं सेवानिवृत अधिकारी/कर्मचारी यदि स्वास्थ्य कारणों से आवश्यक्ता पड़ती है तो ऑक्सीजन कंसनट्रेटर/सीपैप/बाईपैप खरीदकर उसकी प्रतिपूर्ति (रिइंबर्समेंट) का दावा कर सकेंगे। प्रदेश सरकार नियमों के तहत इसकी प्रतिपूर्ति करेगी। उल्लेखनीय है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश भर में ऑक्सीजन संकट ने जिस तरह लोगों और सरकार को प्रभावित किया, उसे देखते हुए प्रदेश की योगी सरकार ने किसी भी विषम परिस्थिति में ऑक्सीजन की कमी न हो इसको लेकर गंभीरता से प्रयास किए हैं। अस्पतालों में नए ऑक्सीजन प्लांट बनाए गए तो इमरजेंसी में कई कंपनियों को अपने प्लांट को ऑक्सीजन प्लांट में बदलने की अनुमति दी गई। इसके साथ ही कृत्रिम तरह से ऑक्सीजन बनाने वाले ऑक्सीजन कंसनट्रेटर समेत कई संबंधित यंत्रों की भी बड़ी मात्रा में खरीद की गई। इसी क्रम में अब सरकार ने गंभीर रोगियों को ऑक्सीजन कंसनट्रेटर की आवश्यक्ता होने पर इसकी प्रतिपूर्ति का निर्णय लिया है और इस संबंध में गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं। 

 

सीएमओ की अध्यक्षता में समिति करेगी आवेदन पर विचार

ऑक्सीजन कंसनट्रेटर खरीदने और इसकी प्रतिपूर्ति के संबंध में जो गाइडलाइंस दी गई है उसके अनुसार निर्धारित आवेदन प्रारूप में संबंधित चिकित्सक द्वारा अनुमोदित दावों पर ही विचार किया जाएगा। इसके साथ ही मूल जांचों की रिपोर्ट भी आवेदन के साथ संलग्न की जाएगी। इसमें ऑक्सीजन कंसनट्रेटर एवं बाई लेवल वेंटीलेटर्स सप्लायर्स सिस्टम के लिए रोगी के स्टेबल दशा में कमरे की हवा में ली गई धमनियों की ब्लड गैस रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही सीपैप और बाई लेवल सीपैप के लिए विस्तृत इन लैब लेवल-1 पॉलीसोम्नोग्रॉफी रिपोर्ट भी देनी होगी। इन मशीनों की स्वीकृति सीएमओ की अध्यक्षता में समिति द्वारा की जाएगी। सीएमओ के अलावा इसमें सीएमओ द्वारा नामित दो श्वास/फुफ्फुस रोग विशेषज्ञ (रेसपेरेटरी एंड पल्मोनरी एक्सपर्ट्स)बतौर सदस्य शामिल होंगे।

 

5 वर्ष बाद हो सकेगा मशीनों का रिप्लेसमेंट

शासन ने माना है कि ये सभी उपकरण जीवनरक्षक यंत्र हैं और 5 वर्ष की अधिकतम आयु रखते हैं। इसलिए इन्हें 5 वर्ष के बाद सर्विस इंजीनियर के द्वारा पूर्व यंत्र की मरम्मत न हो पाने के प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने पर प्रतिस्थापित (रिप्लेस) किया जा सकेगा। लाभार्थी को इन 5 वर्षों में समान प्रकार के यंत्र की प्रतिपूर्ति न लिए जाने के संबंध में अंडरटेकिंग भी देनी होगी। संबंधित यंत्र की उपयोगिता समाप्त होने के बाद लाभार्थी को इसे जनपद के सीएमओ के पास जमा करना होगा। संबंधित सीएमओ इसे महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा मुख्यालय पर जमा कराना सुनिश्चित करेंगे। इस यंत्र को किसी अन्य रोगी को जारी नहीं किया जाएगा। ऐसे सभी संयंत्रों का पूरा लेखा जोखा महानिदेशालय द्वारा रखा जाएगा।

 

50 हजार से 1.20 लाख तक के दावों की होगी प्रतिपूर्ति

शासन द्वारा प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा भी निर्धारित की गई है। इसके अनुसार ऑक्सीजन कंसनट्रेटर के लिए 60 हजार, सीपैप के लिए 50 हजार, बाई लेवल सीपैप के लिए 80 हजार और बाई लेवल वेंटीलेटरी सिस्टम के लिए 1.20 लाख तक की प्रतिपूर्ति की जा सकेगी। इसमें 5 वर्ष के लिए यंत्र की मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की कीमत सम्मिलित रहेगी। मरम्मत और पुर्जों की कीमत के लिए अलग से कोई दावा मान्य नहीं होगा। 5 वर्ष के बाद यंत्र प्रतिस्थापना के लिए वही प्रक्रिया लागू होगी जो पहले यंत्र के अनुमोदन के लिए निर्धारित की गई है।

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32 हजार करोड़ से ब्रज में लौटेगी द्वापर सी भव्यता : सीएम योगी

 

- मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रैली को किया संबोधित

 

- काशी विश्वनाथ धाम की तरह ही मथुरा में बनना चाहिए बांके बिहारी का धाम : योगी

 

- ब्रज तीर्थ विकास परिषद से बदल रही मथुरा-वृंदावन की सूरत

 

- सीएम ने मथुरा नगर निगम के लिए जनता से मांगा पूर्ण बहुमत

 

- बोले सीएम - पहले होता था मथुरा की पवित्रता से खिलवाड़

 

- जवाहर बाग कभी था गुंडों का अड्डा, कोसी कला में होते थे दंगे, आज दोनों की सूरत बदल गई : योगी

 

मथुरा, 27 अप्रैल। आजादी के बाद से विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में लचर और भ्रष्टाचारयुक्त व्यवस्था ने मथुरा के विकास को रोक के रखा था। 2017 में मथुरा वृंदावन नगर निगम का गठन और फिर ब्रज तीर्थ विकास परिषद के गठन ने मथुरा में समग्र विकास की कार्ययोजना को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। आज यहां 32 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं चल रही हैं, जिस दिन ये योजनाएं धरातल पर उतर जाएंगी, उस दिन यहां द्वापर युग की भव्यता और दिव्यता दिखाई देगी। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद यूपी में 35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अकेले ब्रज क्षेत्र में ही 50 हजार युवाओं को रोजगार मिलने जा रहा है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को यहां सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज मैदान में नगर निगम चुनाव के लिए आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं यहां एक बार फिर ट्रिपल इंजन की सरकार के लिए आप सभी से अपील करने आया हूं।

 

निश्चित समय में पूर्ण हो रहीं योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मेरा सौभाग्य है कि हमारी सरकार ने 2017 में मथुरा वृंदावन नगर निगम का गठन किया। ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन करके यहां के समग्र विकास की कार्य योजना को आगे बढ़ाने का काम किया गया है। आज भारत बदल चुका है, तो हम भी बदलाव की इस प्रक्रिया में मौन नहीं रह सकते। इन्फ्रास्ट्रक्चर के बड़े बड़े प्रोजेक्ट, एयरपोर्ट, आईआईटी, एम्स जैसे निर्माण आज निश्चित समय में पूरे होते हैं। विरासत का सम्मान होता है। काशी, अयोध्या, केदारनाथ, महाकाल का पुनरोद्धार होता है। ये नया भारत है। इस नये भारत के सामर्थ्य के साथ हमें यूपी के सामर्थ्य को जोड़ना है।

 

बिना भेदभाव विकास कार्यों को आगे बढ़ाया

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बिना भेदभाव के विकास कार्यों को आगे बढ़ाया है। 38 हजार से अधिक परिवारों को आवास की सुविधा दी गई। यहां के 20 हजार से अधिक स्ट्रीट वेंडर को स्वनिधि योजना का लाभ मिला है। पहले गरीबों को उजाड़ा जाता था, व्यापारियों से रंगदारी वसूली जाती थी। आज गरीब को मकान और स्वनिधि का लाभ दिया जा रहा है। निराश्रित महिला, दिव्यांगजन, वृद्धजनों को पेंशन की सुविधा का लाभ दिया जा रहा है। 2017 से पहले पार्टी विशेष के लोग तमंचा लेके घूमते थे। आज युवाओं के हाथों में टैबलेट हैं। पहले शोहदों का आतंक होता था, आज सेफ सिटी है। पहले कूडे के ढेर होते थे, आज स्मार्ट सिटी हैं। पहले छिनैती, डकैती होती थी, आज आई ट्रिपल सी का गठन किया गया है, जहां से सफाई, सुरक्षा, ट्रैफिक की मॉनीटरिंग हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की एक ही युक्ति, अपराधियों और गंदगी से मिले प्रदेश की मुक्ति। 

 

32 हजार करोड़ की चल रहीं परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि जवाहरबाग कभी गुंडागर्दी का अड्डा बना हुआ था। आज स्थिति आप सबके सामने है। पहले कोसी कला में दंगा होता था। आज यहां पेप्सिको का प्लांट लग चुका है। जिस मथुरा-वृंदावन में कभी मांस-मदिरा की बिक्री होती थी, हमने उसपर पूरी तरह से रोक लगा दी। यहां की पवित्रता के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति किसी को भी नहीं दी जा सकती। आज तीर्थ स्थल घोषित होते ही यहां बड़े स्तर पर कार्ययोजना के साथ काम हो रहा है। 84 कोसी परिक्रमा केवल अयोध्या में ही नहीं ब्रज में भी होने जा रही है। इस समय ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए 32 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाएं चल रही हैं। जब ये जमीन पर दिखाई देने लगेंगी उस दिन यहां द्वापर युग जैसी भव्यता और दिव्यता दिखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नगर निगम बनने के बाद अब मथुरा के नवनिर्माण की दिशा में कार्य हो रहे हैं। जैसे काशी में काशी विश्वनाथ धाम बन गया। ऐसे ही बांके बिहारी के धाम का कार्य आगे बढ़ना चाहिए। हमें बरसाना, गोकुल, गोवर्धन को उसके पुरातन स्वरूप जैसी भव्यता देना है। ये हम सबकी जिम्मेदारी है। ये नगर निकाय चुनाव इसी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।

 

इस अवसर पर प्रदेश के मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, सांसद हेमा मालिनी, मथुरा से महापौर पद प्रत्याशी विनोद अग्रवाल सहित सभी नगर पालिका और नगर पंचायत के चेयरमैन पद प्रत्याशी और वार्ड से पार्षद पद प्रत्याशी मौजूद रहे।

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विकास के लिए विजन और योग्य नेतृत्व चाहिए: मुख्यमंत्री योगी

 

सीएम योगी ने नगर निकाय चुनाव प्रचार के तीसरे दिन फिरोजाबाद में जनसभा को किया संबोधित

 

सीएम योगी ने कहा- भारत में अब तुष्टिकरण पर नहीं, सशक्तिकरण पर जोर

 

बोले योगी- प्रधानमंत्री मोदी का विजन ही हमारा मिशन

 

फिर से लहराने लगा कांच की नगरी का वैभव: सीएम योगी

 

27 अप्रैल, फिरोजाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास के लिए विजन और योग्य नेतृत्व चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए सरकार के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। 2014 के पहले देश में कांग्रेस और प्रदेश में समाजवादी पार्टी के फेल इंजन यूपी के विकास को पीछे लेकर जा रहे थे। वहीं डबल इंजन की सरकार उत्तर प्रदेश के विकास को डबल स्पीड के साथ आगे बढ़ा रही है और विकास के कार्यों को धरातल पर उतार रही है। विकास की इस स्पीड को तीन गुना बढ़ाने के लिए अब सरकार को ट्रिपल इंजन चाहिए। इसके लिए आपको इस निकाय चुनाव में भाजपा के सभी प्रत्याशियों को जिताना होगा। इससे विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से आने वाले पैसे का सही उपयोग हो पाएगा।

 

सीएम योगी गुरुवार को नगर निकाय चुनाव प्रचार के तीसरे दिन फिरोजाबाद पहुंचे, जहां उन्होंने तिलक इंटर कॉलेज के मैदान में एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मतदाताओं से भाजपा को वोट देने की अपील करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश के शहर शोहदों के आतंक से भयभीत नहीं है बल्कि सेफ सिटी के रूप में अपनी पहचान बना रहे हैं। यूपी की शहर कूड़े के ढेर नहीं बल्कि स्मार्ट सिटी के रूप में अपना जलवा बिखेर रहे हैं। 2017 के पहले पार्टी विशेष के लोग तमंचा लेकर घूमते थे, जो व्यापारियों और आम नागरिकों को भयभीत करते थे। आज नए भारत के नए उत्तर प्रदेश के युवा अपने हाथ में टैबलेट लेकर चलते हैं। प्रदेश के 2 करोड़ युवाओं को हमारी सरकार टैबलेट और स्मार्ट फोन उपलब्ध करा रही है। सेफ सिटी, इंट्रीग्रेटेड कमांड और कंट्रोल सेंटर हैं। हंट सिटी सर्विलांस के माध्यम से ट्रैफिक, स्वाथ्य और स्वच्छता के कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहे हैं।

 

प्रदेश के एक करोड़ युवाओं को मिलेगी नौकरी

सीएम योगी ने कहा कि कांच की नगरी ने एक बार फिर से अपने वैभव का परचम लहराना शुरू कर दिया है। नगर सृजन योजना के तहत नगर निगम फिरोजाबाद का विस्तार और नगर पंचायत मक्खनपुर सृजन हुआ है। अमृत मिशन के तहत 323 करोड़ रुपए की पांच परियोजनाएं यहां के लिए स्वीकृत हुई हैं। हर घर नल की 27 करोड़ की परियोजना पूरी होने पर 14 हजार घरों को स्वच्छ पेयजल मिलने लगेगा। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 35 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है। इसमें फिरोजाबाद को भी हजारों करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। जीआईएस में मिले निवेश प्रस्ताव से प्रदेश के एक करोड़ से ज्यादा नौजवानों को नौकरी मिलेगी। साथ ही करोड़ों युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।

 

आज मिल रहा है ब्याज मुक्त ऋण

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को राष्ट्रीय शिक्षा नीति दी। यह शिक्षा नीति भारत और यूपी के टैलेंट को टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग के साथ जोड़कर स्थानीय स्तर पर नौकरी उपलब्ध कराने का बहुत अच्छा माध्यम बनेगी। 2017 के पहले गरीबों की जमीन और मकान कब्जा कर लिए जाते थे। आज गरीबों को मकान दिया जा रहा है। पहले व्यापारियों और पटरी दुकानदारों से रंगदारी वसूली जाती थी। आज उन्हें पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है।

 

2014 के पहले देश के सामने पहचान का संकट था

2014 के पहले देश के सामने पहचान का संकट था। भ्रष्टाचार चरम पर था।  युवा परेशान था। दुनिया के अंदर भारत का कोई सम्मान नहीं रह गया था। विकास के कार्य केवल पंच वर्षीय योजना तक ही सीमित रह गए थे। न सुरक्षा थी और न सम्मान था। किसान परेशान थे, नौजवान पलायन के लिए मजबूर थे। देश के अंदर आत्महत्याओं का दौर चल रहा था। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्थितियां बदली। उन्होंने नए भारत का निर्माण किया। साथ ही एक भारत और श्रेष्ठ भारत की तस्वीर हम लोगों के सामने प्रस्तुत की। आज हर भारतवासी को दुनिया में सम्मान प्राप्त हो रहा है। अब दुनिया में जब भी कोई संकट आता है तो विश्व बिरादरी भारत की तरफ देखती है। आज भारत की पहचान टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग के तौर पर हो रही है। आज नए भारत में तुष्टिकरण नहीं होता है बल्कि अपने नागरिकों के सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि करोड़ लोगों को शौचालय, घर और राशन मिल रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का विजन ही हमारा मिशन है।

इस अवसर पर स्थानीय विधायक और नगर निगम एवं नगर निकाय के भाजपा प्रत्याशी मौजूद थे।

 

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सूडान संकट से लौटे गोरखपुर-बस्ती मंडल के 31 नागरिक

 

योगी सरकार ने एसी बसों, लक्जरी गाड़ियों से घर तक पहुंचाया

 

रास्ते भर अफसरों ने रखा ख्याल, खानपान की उत्कृष्ट व्यवस्था

 

गोरखपुर, 27 अप्रैल। अफ्रीकी देश सूडान में गृहयुद्ध संकट में फंसे भारतीयों की स्वदेश वापसी की मुहिम में ऑपरेशन कावेरी के तहत अबतक करीब छह सौ लोगों का रेस्क्यू किया गया है। इनमें गोरखपुर-बस्ती मंडल के भी 31 नागरिक शामिल हैं। देवरिया के 12, कुशीनगर के 13, गोरखपुर के 5 नागरिकों तथा सिद्धार्थनगर के 1 नागरिक की वतन वापसी पर योगी सरकार ने पूरी देखभाल के साथ उनके घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की।

 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश शासन के अधिकारी लगातार विदेश मंत्रालय की टीम के साथ संपर्क में बनी हुई है। सीएम का स्पष्ट निर्देश है कि यूपी के जो भी नागरिक सूडान से लौट रहै हैं, उनको ससम्मान रिसीव करने के बाद उनके भोजन-नाश्ते की उत्तम व्यवस्था करते हुए सुविधाजनक साधन से घर तक पहुंचाया जाए। इसी क्रम में रेस्क्यू कर वाया जेद्दा दिल्ली लाए गए यूपी के नागरिकों को गुरुवार को एसी बसों और फिर लक्जरी गाड़ियों से उनके घर पहुंचाया गया। गोरखपुर-बस्ती मंडल के 31 नागरिकों का दल एसी बस से गुरुवार दोपहर बाद सहजनवा पहुंचा। इनमें 5 नागरिक गोरखपुर जनपद के, 12 देवरिया, 13 कुशीनगर और 1 सिद्धार्थनगर जिले के रहे। यहां उनके अभिवादन के बाद एक रेस्टोरेंट में भोजन कराया गया और फिर उनके गृह क्षेत्र के पते के अनुसार लक्जरी फोर व्हीलर से रवाना किया गया।

 

जयकारों के बीच अफसरों ने की अगवानी

सूडान के मुश्किल हालात से निकलकर वतन वापसी करने वाले नागरिकों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। सहजनवा में बस से उतरते ही उन्होंने भारत माता की जय, वंदे मातरम, नरेंद्र मोदी जिंदाबाद, योगी बाबा जिंदाबाद, इंडियन एम्बेसी जिंदाबाद और यूपी प्रशासन जिंदाबाद के जयकारे लगाए। इन नागरिकों का एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश सिंह, एसडीएम सहजनवा सुरेश कुमार राय, जिला आपदा प्रबंधक गौतम गुप्ता, नायाब तहसीलदार अमित कुमार सिंह, जिला सूचना अधिकारी प्रशांत श्रीवास्तव ने माला पहनाकर स्वागत किया।

 

सरकार की पहल से सूडान का खौफ छू मंतर

सूडान से लौटे नागरिको ने कहा कि वहां हाल में बिताए गए दिन बेहद खौफनाक रहे। पर, सरकार की पहल से सुरक्षित वतन वापसी और यहां इतनी आत्मीयता से देखभाल के साथ घर तक पहुंचाने की व्यवस्था से खौफ छू मंतर हो गया। मोदी सरकार ने जिस तरह हमें संकट से निकाला और योगी सरकार ने घर पहुंचने तक हर कदम ख्याल रखा, वह अभिभूत कर देने वाला है।

 

कुछ दिन और फंसे रहते तो भूख से मर जाते

मीडिया से बातचीत में गोरखपुर के हथियापरास निवासी जनार्दन त्रिपाठी, राजेंद्र नगर के मनीष गुप्ता, गगहा के देव नारायण, कुशीनगर के राघवेंद्र यादव, देवरिया के संतोष चौरसिया ने कहा कि गृहयुद्ध के कारण सूडान में पिछले 15 दिनों से जीवन नारकीय हो गया था। हमारी कमाई तो वहीं लूट ली गई। कुछ दिन और फंसे रहते तो भूख से मर जाते। कोई शरीर पर पहने वस्त्र में ही लौटा तो कोई एक छोटे से बैग में एक-दो जोड़ी कपड़ा लेकर। और कोई सामान नहीं ला पाए। नागरिकों ने बताया कि उन्हें इंडियन एम्बेसी ने पोर्ट सूडान से नेवी, आर्मी और एयरफोर्स की मदद से जेद्दा भेजवाया। वहां से उन्हें हवाई जहाज से दिल्ली लाया गया। यूपी भवन में भोजन व विश्राम कराने के बाद योगी सरकार ने उन्हें घर भेजने और रास्ते भर खानपान की उत्कृष्ट व्यवस्था की।

 

गोरखपुर-बस्ती मंडल के इन नागरिकों की हुई सूडान से वापसी

देवरिया : विनोद शाह, जितेंद्र गुप्ता, जितेंद्र कुमार चौरसिया, विकास प्रसाद, अजय कुमार कनौजिया, रविंद्र कुमार निषाद, दशरथ कुशवाहा, अर्जुन यादव, सत्य प्रकाश यादव, नागेंद्र निषाद, प्रमोद कुमार यादव, संतोष चौरसिया।

कुशीनगर: राणा प्रताप सिंह, राकेश यादव, विनोद कुमार शर्मा, मुरारी शर्मा, जितेंद्र सिंह, उमेश यादव, सतीश शर्मा, संतोष राजभर, राघवेंद्र यादव, बाबूलाल शर्मा, दिलीप गुप्ता, धर्मेंद्र मिश्रा, खुशबूद्दीन अंसारी।

गोरखपुर : मनीष गुप्ता, विजय बहादुर सिंह,, रामहंस, देवनारायण, जनार्दन त्रिपाठी।

सिद्धार्थनगर : महेंद्र।

 

 

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