जौनपुर उ0प्र0 खेल विकास व प्रोत्साहन समिति की बैठक डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। 
 
जौनपुर।  उ0प्र0 खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति, जौनपुर की बैठक जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिलाधिकारी की अनुमति के उपरान्त समिति के सचिव डॉ0 अतुल सिन्हा ने कार्यवाही प्रारम्भ कराई। बैठक में अवगत कराया गया कि जिर्णोद्धार से सम्बन्धित कार्यो को खेल विभाग स्वयं कराएगा। मा0 खेल मंत्री के निर्देश पर प्रस्ताव शासन से स्वीकृत हो गया है। इस क्रम में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया गया कि जो कार्य अधूरे हैं तो उन्हें इस बैठक की कार्यवृत्ति में सम्मिलित कर सम्पन्न कराया जाए। तत्पश्चात तहसील स्तर पर समिति के गठन को लेकर चर्चा प्रारम्भ हुई, जिलाधिकारी ने युवा कल्याण अधिकारी को निर्देश दिया कि समस्त उप जिलाधिकारी से सम्पर्क कर अविलम्ब तहसील स्तरीय समिति का गठन सम्पन्न करा लें। 

युवा कल्याण अधिकारी ने आश्वस्त किया कि तहसील स्तर पर समिति का गठन करा लिया जाएगा। समिति ने खिलाड़ियों को उपलब्धि अर्जित करने पर प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया, जिसमें राज्य स्तर की 04 वर्ग की प्रतियोगितायें- मिनी, सब-जूनियर, जूनियर व सीनियर वर्ग टीम व एकल प्रतियोगिता में पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को तथा इसी तरह राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिताओं में भी उक्त वर्गो में नकद राशि देकर प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। इसे आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर 15 अगस्त, 2022 से लागू माना जाएगा। पुरस्कार राशि उन्हीं प्रतिभागियों को दिया जाएगा जो मान्यता खेल संघों द्वारा आयोजित प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे, पुरस्कार के लिए वही खिलाड़ी पात्र माना जाएगा। जो राज्य व राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओ में प्रतिभाग जनपद जौनपुर की तरफ से करेगा। व्यावसायिक सलाह के लिए खेलकूद के क्षेत्र में प्रोफेसर शेखर सिंह, शारीरिक शिक्षा विभाग, टी.डी.कालेज जौनपुर एवं अमित श्रीवास्तव को आयकर एवं ऑडिट सम्बन्धी सलाह हेतु विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में नामित किया गया। समिति के अतुल सिन्हा ने सदन को वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के अब तक आय-व्यय से अवगत कराया। जिस पर सभी ने सहमति व्यक्त किया। जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि समिति का ऑडिट सी0ए0 के माध्यम से कराकर उसका नवीनीकरण करा लिया जाए। समिति के सदस्य रूद्र प्रताप सिंह ने सदन का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि जनपद स्तरीय विद्यालयी प्रतियोगिता में टीमों की प्रतिभाग 1 या 2 की संख्या में सीमित हो चुकी है जो कि खेल के विकास के लिए शुभ संकेत नहीं है इस पर मंथन होना चाहिए कि टीमों की प्रतिभागिता बढ़े। इसके लिए जनपद के सभी विद्यालयों में कार्यरत शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को एकत्रित कर उपलब्ध सुविधा एवं क्रीड़ा क्षेत्र के अनुसार प्रत्येक विद्याालय 03 खेलों की टीमों को बनाया जाना सुनिश्चित करें तो निश्चित ही जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में टीमों की प्रतिभागिता बढ़ जाएगी।

इस राय पर जिलाधिकारी ने सहमति व्यक्त करते हुए क्रीड़ा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला विद्यालय निरीक्षक के साथ जनपद के खेल अध्यापकों की एक बैठक कर अध्यापकों को जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभागिता बढ़ाने हेतु उनके विचार प्राप्त कर उपलब्ध सुविधाओं के अनुसार उन्हें निर्देशित किया जाए। जिला ओलम्पिक संघ के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रवि चन्द्र यादव ने यह सुझाव दिया कि विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कबड्डी के खिलाड़ी अभ्यास करते हैं यदि वहां क्षेत्र पंचायतों के स्तर से शेड की व्यवस्था हो जाए तो निश्चित ही कबड्डी खिलाड़ियों को कबड्डी मैट पर अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। जिससे उनके प्रदर्शन का स्तर और अच्छा होगा। जिलाधिकारी ने इस पर कहा कि ऐसे कबड्डी के मैदानों का चिन्हाकन करा लें जहां पूर्व से कबड्डी हो रही हो तो उन्हें क्षेत्र पंचायतों या अन्य स्रोतो से छायादार बनवाने की कार्यवाही की जाएगी। प्रो0 शेखर सिंह ने खेलों के बढ़ावा देने के दृष्टिकोण से कहा कि जिन क्षे़त्रों में पहले से खेल विशेष का माहौल है परन्तु उचित दिशा-निर्देश न मिलने के कारण सफलता कम मिल रही है ऐसे स्थानों पर स्थानीय पूर्व खिलाड़ियों को प्रशिक्षक के रूप में चिन्हित कर कुछ मानदेय व खेल सामग्रियों की सुविधा उपलब्ध करानेे से खेल का स्तर बढ़ेगा। इस प्रस्ताव की सराहना करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि यह बहुत ही अच्छा सुझाव है इसे प्रयोग की दृष्टि से कुछ केन्द्रों पर लागू किया जाय यदि अच्छे परिणाम आते है तो इसे आगे और अच्छी तरह से लागू किया जायेगा। चर्चा के दौरान युवा कल्याण विभाग के अन्तर्गत संचालित दो स्टेडियमों के जीर्ण-शीर्ण दशा को सुधारने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया गया। 

जिलाधिकारी ने ग्रामीण स्तर पर ग्राम विकास विभाग द्वारा तैयार किये गए, स्टेडियमों की सूची बनाने का निर्देश दिया साथ ही यह भी कहा कि क्रीड़ा स्थलों की स्थिति देखकर वहां खेलों का प्रशिक्षण प्रारम्भ कराया जाय। प्रशिक्षकों की कमी को देखते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रोत्साहन समिति से कुछ योग्य प्रशिक्षकों की तैनाती कर ली जाए।

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