मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कोविड-19 से बचाव व उपचार की
व्यवस्थाओं को पूरी तरह प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए

प्रदेश में ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण की नीति के सफल
क्रियान्वयन से कोविड महामारी पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ

प्रदेशवासियों को टीका कवर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा

जिन जनपदों में अधिक केस मिल रहे हैं, वहां सार्वजनिक स्थानों
पर फेस मास्क लगाया जाना अनिवार्य कर दिया गया

प्रदेश में कोविड टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए

बच्चों के टीकाकरण तथा वयस्कों को बूस्टर डोज लगाये जाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश

अब तक राज्य में 11 करोड़ 15 लाख 11 हजार 795 कोविड टेस्ट सम्पन्न

गांवों मंे स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं की सहज उपलब्धता
के लिए ‘मुख्यमंत्री आरोग्य मेला’ उपयोगी सिद्ध हो रहा

सभी अस्पतालांे तथा मेडिकल कॉलेजों में अग्निशमन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाए

फसलों में आग लगने की घटनाओं के दृष्टिगत विशेष सावधानी
बरती जाए, सभी फायर स्टेशन पूरी मुस्तैदी से कार्यरत रहें

प्रत्येक पर्व शांति और सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न हो, इसके लिए
स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सभी जरूरी प्रयास किये जाएं

सभी गो-आश्रय स्थलों में व्यवस्था सुचारु रखी जाए
लखनऊ: 02 मई, 2022

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में कोविड-19 से बचाव व उपचार की व्यवस्थाओं को पूरी तरह प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि  प्रदेश में ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण की नीति के सफल क्रियान्वयन से कोविड महामारी पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेशवासियों को टीका कवर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक चल रहा है। उन्होंने बच्चों के टीकाकरण तथा वयस्कों को बूस्टर डोज लगाये जाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में आहूत टीम-9 की बैठक में प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन जनपदों में अधिक केस मिल रहे हैं, वहां सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रदेश में कोविड टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए। कोविड पॉजिटिव पाए जा रहे लोगों के सैम्पल की जीनोम सिक्वेंसिंग का कार्य सतत जारी रखा जाए ।
मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि पिछले 24 घण्टों में राज्य में कोरोना संक्रमण के 193 नए मामले सामने आए हैं। इस अवधि में 159 व्यक्तियों को सफल उपचार के उपरान्त डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 1621 है। पिछले 24 घण्टे में प्रदेश में 96 हजार 242 कोरोना टेस्ट किए गए। अब तक राज्य में 11 करोड़ 15 लाख 11 हजार 795 कोविड टेस्ट सम्पन्न हो चुके हैं।
बैठक में यह जानकारी भी दी गयी कि राज्य में गत दिवस तक 31 करोड़ 50 लाख 37 हजार से अधिक कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 13 करोड़ 07 लाख 90 हजार से अधिक लोगों को टीके की दोनों डोज देकर कोविड सुरक्षा कवच प्रदान किया जा चुका है। इस प्रकार 88.72 प्रतिशत लोग कोविड टीके की दोनों डोज ले चुके हैं। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 15 करोड़ 29 लाख 91 हजार से अधिक लोगों ने कोविड वैक्सीन की पहली डोज प्राप्त कर ली है।
विगत दिवस तक 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग में 95.35 प्रतिशत किशोर कोविड वैक्सीन की प्रथम डोज तथा 67 प्रतिशत किशोर टीके की दूसरी खुराक प्राप्त कर चुके हैं। 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग के 53 लाख 25 हजार से अधिक बच्चों ने टीके की पहली खुराक प्राप्त कर ली है। 27 लाख 97 हजार से अधिक प्रिकॉशन डोज प्रदान की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गांवों मंे स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सेवाओं की सहज उपलब्धता के लिए ‘मुख्यमंत्री आरोग्य मेला’ उपयोगी सिद्ध हो रहा है। प्रदेश में विगत रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले से लगभग 1.63 लाख लोगांे ने लाभ उठाया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आयोजित होने वाले आरोग्य मेलों से अधिकाधिक लोगों को लाभान्वित कराया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि सभी अस्पतालांे तथा मेडिकल कॉलेजों में अग्निशमन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया जाए, जिससे अग्नि की घटनाओं से कोई क्षति न होने पाए। इस सम्बन्ध में पूरे प्रदेश में तत्काल अभियान चलाकर यह कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि फसलों में आग लगने की दुःखद घटनाओं की जानकारी मिल रही है। इसके दृष्टिगत विशेष सावधानी बरती जाए। साथ ही सभी फायर स्टेशन पूरी मुस्तैदी से कार्यरत रहें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 03 मई को ईद, परशुराम जयंती तथा अक्षय तृतीया का पावन पर्व है। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्तमान परिवेश को देखते हुए पुलिस तथा प्रशासन अतिरिक्त संवेदनशील होकर कार्य करें। प्रत्येक पर्व शांति और सौहार्द के वातावरण में सम्पन्न हो, इसके लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सभी जरूरी प्रयास किये जाएं। धार्मिक कार्यक्रम, पूजा-पाठ आदि निर्धारित स्थान पर ही किए जाएं। धर्मगुरूओं से संवाद बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क मार्ग, यातायात बाधित कर कोई धार्मिक आयोजन न किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देशित किया कि प्रदेश के सभी गो-आश्रय स्थलों में व्यवस्था सुचारु रखी जाए। गो-आश्रय स्थलों में हरा चारा-भूसा, आदि की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि इन दिनों गेहूं की कटाई चल रही है। ऐसे में पशु चारे की खरीद अभी कर ली जाए। गोवंश को गर्मी अथवा धूप से सुरक्षित रखने के प्रबंध किए जाएं। विकासखंड स्तर पर 2000-2500 गोवंश क्षमता वाले मॉडल गो आश्रय स्थल स्थापित करने का प्रयास किया जाए।
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