**रिपोर्ट***सैय्यद जावेद अख्तर**



उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के मौदहा छिमौली गांव में अपनी पत्नी को पैट्रोल डालकर जिंदा जलाने की वारदात को अंजाम देने वाले बेरहम पति,सास और ससुर को दस साल की सख्त सजा के साथ ही हुआ पन्द्रह हजार का जुर्माना। जबकि अभियोजन की तरफ से मामले की पैरवी कर रहे‌ डीजीसी क्रिमिनल राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि सजेती थाने के रामपुर निवासी मृतका के पिता फूल सिंह निषाद ने मौदहा पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया था कि उसने अपनी पुत्री मीरा देवी की शादी 29 मई 2020 में मौदहा के छिमौली निवासी हंसराज निषाद पुत्र राम औतार निषाद के साथ की थी, शादी में हीरो हाण्डा मोटर साइकिल, सोने की चेन और अंगूठी के साथ ही  डेढ़ लाख रुपये नगद और 59 हजार कीमत की एक भैंस देकर ससुराल के लिये हंसी खुशी बिदा किया था, इसके बावजूद ससुरालीजन उसे शादी के कुछ दिनों बाद से ही परेशान करने लगे, जिसके बाद उसकी पुत्री ने ससुराल से मायके आने पर कई बार इस बारे में बताया भी था। जबकि बात ज्यादा बढ़ने पर इस मामले में पंचायत भी की गई थी, जबकि पंचायत में ससुराल वालों ने अपनी ग़लती भी मानी थी, और आइन्दा एसी गलती न करने की बात भी कही थी, इसके बावजूद ससुरालीजन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे थे, जिसके बाद 2 अक्टूबर 22 को रात साजिश के तहत दामाद हंसराज, ससुर राम औतार,सास मुलिया सहित देवर सरजू और अर्जुन ने मिलकर पुत्री के ऊपर पैट्रोल डालकर जिंदा जला दिया, पुत्री की हालत बिगड़ने पर उसे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। जबकि घटना की जानकारी उन्हें दो अक्टूबर शाम पांच बजे दी गई। जब वो लोग मौदहा अस्पताल पहुंचे तो उन्हें अपनी पुत्री की जली हुई लाश मिली थी। तहरीर में मांग की गई थी, कि सभी नामज़द लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखकर कड़ी कार्यवाही की जाय। जिसके बाद मौदहा पुलिस ने पांचों मुल्जिमों के खिलाफ मु0अ0सं0-447/2022 धारा-498ए,304बी आईपीसी सहित 3/4 दहेज डीबी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। वहीं मामले की जांच तत्कालीन तेज तर्रार सीओ विवेक यादव ने शुरू की तो जांच में पाया गया कि देवर सरजू और अर्जुन का घटना को अंजाम देने में कोई रोल नहीं है, जबकि घटना में उन दोनों को जबरदस्ती फंसाया जा रहा है, जिसके बाद सीओ ने अपनी जांच के दौरान दोनों को बेगुनाह मानते हुये क्लीन चिट दे दी थी, जबकि जिला एवं सत्र अदालत के स्कालर जज मनोज  कुमार राय ने घटना को अंजाम देने वाले पति, सास और ससुर को का गुनहगार मानते हुये धारा 304-B के तहत दस दस साल की सख्त सजा के साथ ही सुनाया पांच पांच हजार हजार का जुर्माना।




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