बलरामपुर- दस्त से बचाव केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और सही खान-पान जैसी छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर दस्त सहित कई जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने जनपदवासियों से अपील की कि भोजन करने और शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने की आदत को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। पीने के लिए हमेशा सुरक्षित एवं स्वच्छ पानी का प्रयोग करें, खुले में शौच से बचें तथा घर और आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
उन्होंने कहा कि शिशुओं के लिए जन्म के बाद पहले छह माह तक केवल स्तनपान कराना बेहद महत्वपूर्ण है। इससे शिशु को आवश्यक पोषण मिलने के साथ संक्रमणों से बचाव में भी मदद मिलती है। बच्चों को दस्त होने पर उपचार में देरी न करें और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार उचित उपचार उपलब्ध कराएं।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने बताया कि दस्त के दौरान शरीर में पानी और लवण की कमी हो सकती है। ऐसे में ओआरएस का घोल तथा चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार देना जरूरी है। बच्चे में सुस्ती, बार-बार उल्टी, अत्यधिक प्यास, आंखें धंसना या पेशाब कम होना जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।
सीएमओ ने लोगों से अपील की कि “स्वच्छ जल, स्वच्छता और सही उपचार—दस्त से बचाव का मजबूत आधार” को अपनाते हुए स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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