उतरौला बलरामपुर - गुरुवार को मरहूम यावर हुसैन के अज़ा खाने में 6 रबीउल अव्वल को लेकर एक अज़ीमुश्शानमजलिस ए-अज़ा' का आयोजन किया गया। इस कार्य क्रम में अकीदतमंदों और ज़ायरीन कीभारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिस से पूरा माहौल इमाम हुसैन की याद में गम गीन हो गया।मजलिस को ज़ाकिरी आली जनाब मौलाना सदा क़त हुसैन साहब ने की, जबकि नक़ाबत का फ़र्ज़ मौलाना शबा ब हैदर जलालपुरी ने अंजाम दियामजलिस के खत्म होने पर 18 बनी हाशिम की शबीह-ए-ताबूत भी बरामद की गई, जिसके दर्शन (ज़िया रत) के लिए श्रद्धालु ओं की भारी संख्या में भीड़ जुट गई।
दौरान आलमी शोहर त याफ़्ता नौहाख्वान अली हसन, हसन जाफ़र के अलावा अन्य नौहा ख्वानों ने बारगाह-ए-इमाम हुसैन में मर्सिया और नौहा ख्वानी पेश कर इमाम हुसैन व उनके वफादार साथियों को खिराज-ए-अक़ीदत पेश किया।कार्यक्रम देर रात्रि लगभग 1 बजे तक सुचारू रूप से चलाने में इमामिया ट्रस्ट के कोऑर्डिनेटर मुसाय्यब जाफरी,शहं शाह जाफ़री, इफ्फू जाफ़री,अहसन जाफ़ री, अलहम्द, अब्बास अली, काशान, फहद, ज़ेन रिज़वी और अबुल फ़ज़ल ने अहम भूमिका निभाई। वहीं पर फैज़ जाफरी ने सबील-ए-इमाम हुसैन लगाकर देर रात्रि तक ज़ायरीन की खिदमत की।प्रोग्राम के दौरान इमामिया ट्रस्ट के सदर अली मुर्तज़ा, महासचिव जैन जाफरी, सैफ रिज़वी, अम्बर जाफरी, हस नैन अली अब्दी,अनी सुल हसन एडवोकेट, सैय्यद नुसरत हुसैन, मोहर्रम कमेटी के सचिव मोनू रिज़वी, अहसन रिज़वी और पूर्व ट्रस्ट अध्यक्ष ऐमन रिज़वी के अलावा भारी संख्या में इलाके के गणमान्य नागरिक और अकीदतमंद मौजूद रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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