बलरामपुर- जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों की बैठक संपन्न हुई। बैठक में ग्राम पंचायतों के समग्र विकास, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए निर्धारित “सात प्रण” को प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत संतृप्त किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास के लिए निर्धारित सात प्रण पर गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने सभी ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों की आवश्यकताओं के अनुरूप स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर उसी के अनुसार चरणबद्ध ढंग से कार्य करें, ताकि विकास कार्यों में गति और गुणवत्ता दोनों सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि योजनाबद्ध कार्यशैली से ही लक्ष्य समयबद्ध रूप से प्राप्त किए जा सकते हैं।
बैठक में जिलाधिकारी ने “सात प्रण” के अंतर्गत निम्न बिंदुओं पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए
1. परिवार रजिस्टर का अद्यतन एवं डिजिटलीकरण-
उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में परिवार रजिस्टर का नियमित अद्यतन एवं डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पात्र लाभार्थियों की सही पहचान हो सके और योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचाया जा सके।
2. डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन एवं सौंदर्यीकरण-
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी को सक्रिय रूप से संचालित किया जाए तथा उसका सौंदर्यीकरण कर युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए अध्ययन का बेहतर वातावरण तैयार किया जाए।
3. जल निकासी हेतु आंतरिक नालियों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण-
उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु ग्राम पंचायतों को आंतरिक नालियों से पूर्ण रूप से आच्छादित किया जाए, ताकि स्वच्छता एवं स्वास्थ्य व्यवस्था बेहतर हो सके।
आंतरिक सड़कों का विकास एवं संपर्क मार्गों का विस्तार-
ग्राम पंचायतों के प्रत्येक हिस्से तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने हेतु आंतरिक सड़कों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
4 व्यक्तिगत, सामुदायिक शौचालय एवं आरआरसी को क्रियाशील बनाना-
स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को सफल बनाने के लिए व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालयों को क्रियाशील बनाए रखने तथा रिसोर्स रिकवरी सेंटर (RRC) को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
5 सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत शत-प्रतिशत नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित करना-
उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए विद्यालयों में नामांकन एवं नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा शिक्षा की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
वीएचएसएनडी सत्रों का प्रभावी संचालन-
स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के लिए ग्राम स्तर पर वीएचएसएनडी सत्रों का नियमित एवं प्रभावी संचालन कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री आवास योजना, बालमैत्रिक शौचालय निर्माण, ग्राम पंचायतों में सीसीटीवी कैमरा स्थापना, रीडिंग रूम, ओपन जिम, हाईमास्ट लाइट, सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए शासन की मंशा को धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग, उपायुक्त वीबी जीरामजी, समस्त खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी एवं समस्त ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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